कारगिल विजय दिवस: परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि अब ₹2 करोड़, मुख्यमंत्री ने किया ऐलान

देहरादून, 26 जुलाई। कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर उन्होंने कारगिल शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया और परमवीर चक्र से सम्मानित वीरों के लिए राज्य सरकार की अनुग्रह राशि ₹1.50 करोड़ से बढ़ाकर ₹2 करोड़ करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1999 के कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर अत्यंत विषम परिस्थितियों में अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय देते हुए दुश्मन को परास्त किया। उन्होंने कहा कि इस युद्ध में देश के 527 सैनिक शहीद हुए, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर जवान शामिल थे। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि के साथ-साथ वीरभूमि बताते हुए कहा कि राज्य की सैन्य परंपरा पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों के कल्याण के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख की जा चुकी है। वीरता पुरस्कार विजेताओं को मिलने वाली एकमुश्त और वार्षिक सहायता राशि में भी वृद्धि की गई है।
उन्होंने बताया कि बलिदानी परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजन, आवेदन की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष, शहीद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता, वीरता पुरस्कार विजेताओं को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा तथा सैनिकों और पूर्व सैनिकों को संपत्ति खरीद पर स्टाम्प शुल्क में छूट जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही पूर्व सैनिकों के शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया सरल बनाने और जिला अदालतों में लंबित भूमि धोखाधड़ी के मामलों के शीघ्र निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून के गुनियाल गांव में राज्य के ‘पांचवें धाम’ सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। प्रत्येक शहीद के घर से लाई गई पवित्र मिट्टी से निर्मित यह सैन्य धाम आने वाली पीढ़ियों के लिए राष्ट्रभक्ति और बलिदान का प्रेरणा स्थल बनेगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेवामुक्त अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए भी पहल कर रही है। इसके तहत देश का पहला ‘अग्निवीर रोजगार सेल’ गठित किया जाएगा। साथ ही उत्तराखंड पुलिस, वन विभाग और अन्य राज्य सेवाओं में प्राथमिकता, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार, होमस्टे योजना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कारगिल के शहीदों के त्याग और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर विकसित भारत और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
