रुद्रप्रयाग के तीन निरीक्षण भवन निजी हाथों में देने की तैयारी का कांग्रेस ने लगाया आरोप
दुग्गलबिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों को लेकर आंदोलन की चेतावनी
रुद्रप्रयाग, 17 सितम्बर। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार रुद्रप्रयाग जिले में लोक निर्माण विभाग के दुग्गलबिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी स्थित महत्वपूर्ण निरीक्षण भवनों को निजी हाथों में देने की तैयारी कर रही है। पार्टी ने सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों को दीर्घकालीन लीज पर दिए जाने की नीति का विरोध करते हुए तीनों निरीक्षण भवनों की रक्षा के लिए आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है।
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है। पार्टी ने दावा किया कि इसी क्रम में रुद्रप्रयाग जिले के इन तीन निरीक्षण भवनों को भी निजी क्षेत्र को दिए जाने की आशंका है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि दुग्गलबिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवन सड़क संपर्क और अन्य सुविधाओं से युक्त महत्वपूर्ण स्थानों पर हैं। केदारघाटी में स्थित होने के कारण इनकी जमीन अत्यंत मूल्यवान है। पार्टी ने इन्हें क्षेत्र की महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति बताते हुए सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि इन भवनों को लेकर उसकी क्या योजना है।
कांग्रेस ने पटवाडांगर, हरिद्वार और ऋषिकेश की परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए। यूआईआईडीबी ने नैनीताल के पटवाडांगर में करीब 14 एकड़ भूमि पर प्रीमियम आतिथ्य परियोजना, हरिद्वार के अलकनंदा होटल के पुनर्विकास तथा ऋषिकेश स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पीपीपी आधार पर पुनर्विकास के लिए निविदाएं जारी की हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इसी तरह अन्य सरकारी परिसंपत्तियों को भी निजी क्षेत्र को सौंपा जा सकता है।
पार्टी नेताओं ने दावा किया कि विभिन्न सरकारी विभागों की बड़ी मात्रा में भूमि यूआईआईडीबी को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं और लोक निर्माण विभाग के कई अन्य निरीक्षण भवनों तथा पर्यटन विभाग की कुछ परिसंपत्तियों को भी लीज पर देने की योजना है। कांग्रेस ने लंबी अवधि की लीज की शर्तों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे महत्वपूर्ण सार्वजनिक संपत्तियों पर सरकार का प्रभावी नियंत्रण कमजोर होने का खतरा है।
कांग्रेस ने मसूरी के हाथीपांव स्थित पार्क एस्टेट की भूमि को निजी कंपनी को लीज पर दिए जाने का भी उल्लेख किया और सरकार की भूमि नीति पर सवाल उठाए। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य में पहले भूमि कानूनों में किए गए बदलावों से निजी जमीन की खरीद-बिक्री आसान हुई और अब सरकारी विभागों की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र के लिए खोला जा रहा है।
कांग्रेस ने कहा कि वह सरकारी जमीन और परिसंपत्तियों को निजी हाथों में दिए जाने के खिलाफ प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। रुद्रप्रयाग जिला कांग्रेस ने दुग्गलबिट्टा, फाटा और गुप्तकाशी के निरीक्षण भवनों पर ‘रक्षा सूत्र’ बांधकर विरोध अभियान शुरू करने की घोषणा की। पार्टी का कहना है कि केदारघाटी की इन सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निजी हाथों में नहीं जाने दिया जाएगा।
प्रेस वार्ता में कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत, प्रवक्ता नरेंद्र बिष्ट, नगर पालिका अगस्त्यमुनि के राजेंद्र गोस्वामी, प्रदेश महामंत्री दीपा देवी आर्य, प्रदेश सचिव कुंवर सजवाण, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हरीश गुसाईं, महावीर चौधरी, विनोद राणा, बलदेव नेगी, कार्यालय प्रभारी मनोहर रावत, अंकुर रौथाण, देवेश्वरी देवी, पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ अध्यक्ष राय सिंह बिष्ट, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र लाल, जिला महामंत्री भारत भूषण कठैत, विजयपाल राणा और संजय चौधरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे.
