गौचर मेले को मिलेगा नया स्वरूप, रोजगार-स्वरोजगार पर रहेगा जोर
स्थानीय कलाकारों और महिलाओं को मिलेगा अधिक अवसर, विभागीय स्टॉल बनेंगे जनोपयोगी
गौचर, 18 सितम्बर (गुसाईं)। आगामी 14 से 20 नवम्बर तक आयोजित होने वाले 74वें राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेला-2026 को इस बार स्थानीय संस्कृति के साथ रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ते हुए अधिक आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप देने की तैयारी है। मेले के सफल एवं व्यवस्थित आयोजन को लेकर शुक्रवार को मेला समिति की पहली बैठक हुई, जिसमें व्यवस्थाओं और प्रस्तावित कार्यक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
मेला अध्यक्ष एवं जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वर्चुअल माध्यम से बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों से मिलने वाले व्यावहारिक एवं सर्वमान्य सुझावों को मेला व्यवस्थाओं में शामिल किया जाए।
मेलाधिकारी एवं उप जिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौड़ियाल ने पिछले 73वें गौचर मेले की व्यवस्थाओं और आय-व्यय का विवरण बैठक में प्रस्तुत किया। नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, सभासदों, व्यापार संघ के पदाधिकारियों और मेला समिति से जुड़े लोगों ने इस वर्ष के आयोजन को अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई सुझाव दिए।
व्यापार संघ ने मुख्य मेला मंच के आसपास के क्षेत्र को खुला और व्यवस्थित रखने, स्थानीय दुकानदारों को दुकानों की दरों में रियायत देने, सांस्कृतिक संध्याओं का दायरा बढ़ाने और स्थानीय कलाकारों को अधिक अवसर देने का सुझाव दिया। पार्किंग व्यवस्था बेहतर करने, मेला परिसर में सीसीटीवी निगरानी, स्वागत समिति गठित करने तथा विभागीय गोष्ठियों के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित करने पर भी चर्चा हुई।
अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने मेला स्मारिका के प्रकाशन, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने और युवाओं के लिए रोजगार मेला आयोजित करने का सुझाव दिया। उद्योग विभाग और अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि गौचर मेला जिले की औद्योगिक, सांस्कृतिक और स्थानीय विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने मेले में युवाओं और महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उन्हें रोजगार, स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों से जोड़ने वाली गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विभागीय स्टॉलों को केवल औपचारिक सूचना प्रदर्शन तक सीमित नहीं रखने को कहा। स्टॉलों को अधिक जानकारीपरक और जनोपयोगी बनाया जाए तथा रोस्टर के अनुसार विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आमंत्रित कर उन्हें मौके पर योजनाओं की जानकारी और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाए।
जिलाधिकारी ने समय से मेला स्थल का ले-आउट तैयार करने के साथ पार्किंग, शौचालय, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मेले से पहले मैदान के प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण कराने तथा सुरक्षा के लिए आवश्यक ऑडिट और सीसीटीवी कैमरों से प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
मेले को पर्यावरण अनुकूल बनाने पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को सभी तैयारियों की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर निर्धारित समयसीमा में काम पूरा करने और आगामी बैठकों में प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, औद्योगिक एवं विभागीय प्रदर्शनियों, व्यापारिक गतिविधियों, यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली और प्रचार-प्रसार सहित विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष संदीप नेगी, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उप जिलाधिकारी अलकेश नौड़ियाल, नगर पालिका सभासद, व्यापार संघ के पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
