शिक्षा का अधिकार -निजी स्कूलों की 16,385 आरक्षित सीटों के लिए लॉटरी, 6,083 बच्चों का चयन
देहरादून, 25 सितम्बर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 के तहत उत्तराखंड के निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी शुक्रवार को आयोजित की गई। प्रदेश के 13 जिलों के लिए हुई इस प्रक्रिया में 6,083 बच्चों का चयन किया गया है। चयनित बच्चों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों के आधार पर विद्यालय आवंटित किए गए हैं।
समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना कार्यालय में आयोजित ऑनलाइन लॉटरी प्रक्रिया राज्य परियोजना निदेशक के निर्देशों के क्रम में उप राज्य परियोजना निदेशक अजीत भंडारी की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू हुई। प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और मीडिया प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया था। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
विभाग के अनुसार प्रदेश में आरटीई के तहत 4,317 पंजीकृत विद्यालयों में से 4,118 विद्यालयों ने प्रवेश प्रक्रिया में भाग लिया। शैक्षिक सत्र 2026-27 में इन विद्यालयों में कुल 16,385 आरक्षित सीटें उपलब्ध थीं। इनके लिए 16,734 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें जांच के बाद 14,680 आवेदन सही पाए गए। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से इनमें से 6,083 बच्चों को विद्यालय आवंटित किए गए।
अपर राज्य परियोजना निदेशक कुंवर सिंह रावत ने बताया कि लॉटरी में चयनित बच्चों की सूची जिलावार संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को 26 सितम्बर को उपलब्ध करा दी जाएगी। अभिभावक आरटीई पोर्टल पर परिणाम विकल्प के माध्यम से भी चयन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए चयन हुआ है, उनके अभिभावकों को संबंधित विद्यालय से संपर्क कर प्रवेश संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। चयनित छात्र-छात्राओं के लिए 30 सितम्बर 2026 तक विद्यालय में संपर्क कर प्रवेश लेना अनिवार्य किया गया है।
वर्तमान में राज्य में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की धारा 12(1)(सी) के तहत निजी विद्यालयों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के सहयोग से ऑनलाइन संचालित की जा रही है। लॉटरी के दौरान शिक्षा विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के अधिकारी तथा अभिभावक भी मौजूद रहे।
