मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को छिपाने के बजाय खुलकर संवाद करें : प्रो. एसके जैन
विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर टीएमयू में जागरूकता कार्यक्रम, स्वस्थ हो चुके पांच मरीज सम्मानित

मुरादाबाद, 12 अक्टूबर। तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) के मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर के मनोचिकित्सा विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं पर खुलकर संवाद करने, समय पर उपचार लेने तथा मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय में उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके पांच मरीजों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेडिकल कॉलेज के डीन एकेडमिक्स एवं शरीर रचना विभागाध्यक्ष प्रो. एसके जैन ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाने के बजाय उन पर खुलकर बातचीत करने की आवश्यकता है। मानसिक परेशानियों को स्वीकार करना और समय पर विशेषज्ञों की सहायता लेना जागरूक समाज की पहचान है। उन्होंने कहा कि मानसिक रोगियों के उपचार और पुनर्वास में परिवार तथा समाज का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। जागरूकता और संवेदनशीलता से ही मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज के दृष्टिकोण में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
इस वर्ष कार्यक्रम का विषय ‘लिव्ड एक्सपीरियंसेज हर्ड : रियल वॉइसेज, रियल चेंज’ रखा गया था। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विश्वविद्यालय के अस्पताल में उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके पांच मरीजों के अनुभव रहे। उन्होंने मानसिक बीमारी से उबरने की अपनी यात्रा तथा अस्पताल में मिले उपचार और सहयोग के अनुभव साझा किए। मरीजों ने उपचार को किफायती एवं गुणवत्तापूर्ण बताया। अस्पताल प्रबंधन ने उनके संघर्ष और स्वस्थ जीवन की ओर वापसी के लिए उन्हें सम्मानित किया।
विशिष्ट अतिथि प्रो. जिगर हरिया ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। अपनी परेशानियों को दूसरों के साथ साझा करने से न केवल मानसिक दबाव कम करने में सहायता मिलती है, बल्कि समस्याओं को समझने और उचित समाधान खोजने का रास्ता भी खुलता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में व्याप्त संकोच और भ्रांतियां दूर करने की आवश्यकता बताई।
इस अवसर पर डॉ. मनीष त्यागी ने उपस्थित लोगों को मानसिक रोगियों के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोग का संकल्प दिलाया। मरीजों और उनके परिजनों के लिए मनोरंजक खेलों तथा लकी ड्रॉ का आयोजन भी किया गया। विजेताओं को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेरणा गुप्ता, डॉ. ऋषभ चंद्रा, डॉ. लक्ष्मी कोटामार्थी, डॉ. एंजेलिन लॉरेंस, डॉ. अर्शदीप शर्मा, डॉ. स्वाति जैन, डॉ. अंकुर गुप्ता, डॉ. आकृति सूद, डॉ. शुद्ध होम मेहता, डॉ. वरुण धारीवाल और डॉ. रूपल जैन सहित शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. तन्वी और डॉ. इशज्योत ने किया, जबकि डॉ. शांभवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

