कुमाऊं में डेढ़ साल में दुष्कर्म के 528, हत्या के 102 और अपहरण के 157 मामले दर्ज
सूचना के अधिकार के तहत सामने आए अपराध के आंकड़े, ऊधमसिंह नगर में सर्वाधिक मामले
काशीपुर, 12 अक्टूबर। कुमाऊं मंडल में जनवरी 2025 से जून 2026 तक डेढ़ वर्ष की अवधि में दुष्कर्म के 528, हत्या के 102 और विभिन्न श्रेणियों में अपहरण के 157 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान वाहन चोरी, लूट, चेन स्नेचिंग, गृहभेदन और दहेज हत्या के भी बड़ी संख्या में मामले सामने आए हैं। सूचना के अधिकार के तहत पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कुल 5,517 अपराध दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही 2,872 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता नदीम उद्दीन ने पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र, नैनीताल के लोक सूचना अधिकारी से विभिन्न श्रेणियों में दर्ज अपराधों और उन पर की गई कार्रवाई का विवरण मांगा था। इसके जवाब में लोक सूचना अधिकारी एवं प्रधान लिपिक हेमचंद्र सती ने पत्रांक 4277 के माध्यम से संबंधित अभिलेखों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराई हैं।
प्राप्त विवरण के अनुसार डेढ़ वर्ष में दुष्कर्म के कुल 528 मामले दर्ज हुए। इनमें 169 मामले वर्ष 2026 के पहले छह महीनों के हैं। सर्वाधिक 282 मामले ऊधमसिंह नगर में दर्ज हुए, जबकि नैनीताल में 145, पिथौरागढ़ में 34, अल्मोड़ा में 28, चंपावत में 25 और बागेश्वर में 14 मामले दर्ज किए गए।
इसी अवधि में हत्या के 102 मामले दर्ज हुए, जिनमें 38 मामले वर्ष 2026 के हैं। इनमें ऊधमसिंह नगर में 56, नैनीताल में 27, पिथौरागढ़ में 10, अल्मोड़ा में पांच तथा बागेश्वर और चंपावत में दो-दो मामले दर्ज किए गए।
महिला अपहरण के 139 मामले सामने आए, जिनमें 39 मामले वर्ष 2026 के हैं। इनमें ऊधमसिंह नगर में 91, नैनीताल में 28, पिथौरागढ़ में आठ, अल्मोड़ा और चंपावत में पांच-पांच तथा बागेश्वर में दो मामले दर्ज हुए। अन्य अपहरण के 12 मामलों में तीन वर्ष 2026 के हैं। इसके अतिरिक्त फिरौती के लिए अपहरण के दो मामले नैनीताल तथा हत्या के उद्देश्य से अपहरण के चार मामले ऊधमसिंह नगर में वर्ष 2025 के दौरान दर्ज हुए।
संपत्ति संबंधी अपराधों में भी बड़ी संख्या में मामले दर्ज किए गए। डेढ़ वर्ष में वाहन चोरी के 582 मामले सामने आए, जिनमें 193 वर्ष 2026 के हैं। सर्वाधिक 456 मामले ऊधमसिंह नगर और 108 नैनीताल में दर्ज हुए। अन्य चोरी के 310 मामलों में 113 वर्ष 2026 के हैं। गृहभेदन के 213 मामलों में 83 इसी वर्ष के हैं।
लूट के कुल 51 मामले दर्ज हुए, जिनमें 16 वर्ष 2026 के हैं। चेन लूट और स्नेचिंग के 58 मामलों में 26 इस वर्ष के हैं। इनमें सर्वाधिक 30 मामले ऊधमसिंह नगर और 21 नैनीताल में दर्ज किए गए। डकैती के नौ मामलों में एक वर्ष 2026 का है। वाहन लूट के चार मामलों में तीन इस वर्ष दर्ज हुए।
बलवे के कुल 473 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 177 वर्ष 2026 के हैं। इनमें सर्वाधिक 354 मामले ऊधमसिंह नगर और 78 नैनीताल में दर्ज हुए। दहेज हत्या के 24 मामलों में 12 वर्ष 2026 के पहले छह महीनों के हैं। इनमें ऊधमसिंह नगर में 14 और नैनीताल में पांच मामले दर्ज हुए।
पुलिस से उपलब्ध विवरण के अनुसार अन्य भारतीय दंड विधान एवं भारतीय न्याय संहिता संबंधी अपराधों की श्रेणी में डेढ़ वर्ष के दौरान 5,878 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 1,999 वर्ष 2026 के हैं। इनमें ऊधमसिंह नगर के 3,413, नैनीताल के 1,465, अल्मोड़ा के 337, पिथौरागढ़ के 281, चंपावत के 230 और बागेश्वर के 152 मामले शामिल हैं।
इन आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि कुमाऊं मंडल में दर्ज अपराधों का सबसे अधिक संख्यात्मक भार ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिलों पर है। हालांकि वर्ष 2025 के पूरे वर्ष और 2026 के केवल छह महीनों के आंकड़ों की सीधी तुलना के आधार पर अपराधों में वृद्धि का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए समान अवधि के तुलनात्मक आंकड़ों की आवश्यकता है।

