आपदा/दुर्घटना

उत्तराखण्ड में सटीक मौसम पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने की पहल

 यूएसडीएमए ने प्रदेश के 25 वेधशालाओं के प्रेक्षकों को दिया तकनीकी प्रशिक्षण

देहरादून, 28 अक्टूबर । उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) द्वारा प्रदेश में मौसम संबंधी आंकड़ों की विश्वसनीयता और उनके समयबद्ध प्रेषण को सुनिश्चित करने के लिए देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के सभी 13 जिलों में स्थापित 25 सतही क्षेत्रीय वेधशालाओं (SFO) के प्रेक्षकों को मौसम संबंधी आंकड़ों के सही अवलोकन, अभिलेखीकरण, ऑनलाइन प्रविष्टि और नियमित प्रेषण का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) श्री प्रकाश चंद्र ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में सटीक और समयबद्ध मौसम आंकड़े आपदा पूर्व तैयारियों, प्रारंभिक चेतावनी और राहत-बचाव कार्यों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रेक्षकों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय पर शुद्ध आंकड़े दर्ज कर उन्हें समयबद्ध तरीके से प्रेषित करें तथा उपकरणों में किसी भी प्रकार की खराबी या परिचालन संबंधी समस्या की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें ताकि उसका त्वरित समाधान हो सके।

इसी कड़ी में मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एस. तोमर ने प्रशिक्षण के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेक्षणों की शुद्धता ही मौसम के प्रभावी आकलन का मुख्य आधार है। उन्होंने विशेषकर मानसून के दौरान वर्षा के आंकड़ों की महत्ता बताई, जो भारी वर्षा की निगरानी और आपदा प्रबंधन के अहम निर्णयों में सहायक होते हैं। प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को वर्षा मापन, अधिकतम और न्यूनतम तापमान की सटीक रीडिंग लेने, उपकरणों के उचित रखरखाव और आंकड़ों की प्रविष्टि से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी गई, साथ ही डाटा संकलन में होने वाली सामान्य त्रुटियों के निराकरण पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आईएमडी के वैज्ञानिक श्री रोहित थपलियाल, यूएसडीएमए के डॉ. राजेश कुमार विश्वकर्मा तथा प्रशिक्षक श्री विपिन रावत और श्री अनुराग भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!