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गैरसैंण में चंद घंटों का सत्र जनता के धन की बर्बादी : कांग्रेस

 

कांग्रेस का आरोप, जनसमस्याओं पर चर्चा और विपक्ष के सवालों से बच रही सरकार

देहरादून, 28 अक्टूबर। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने गैरसैंण के भराड़ीसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र की अवधि को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र एक दिन भी पूरा नहीं चल सका और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। उन्होंने इसे जनता के धन की बर्बादी और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए कहा कि सरकार जनहित के महत्वपूर्ण सवालों का सामना करने से बच रही है।

गोदियाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सवाल किया कि जब जनता की समस्याओं पर गंभीर चर्चा ही नहीं करनी थी, तो गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने का औचित्य क्या था? उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक अंकिता भंडारी हत्याकांड, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और अन्य जनसमस्याओं पर सरकार से जवाब मांगना चाहते थे, लेकिन विपक्ष को इन विषयों पर पर्याप्त चर्चा का अवसर नहीं दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने के लिए मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों और पूरे सरकारी तंत्र को वहां ले जाने पर बड़ी धनराशि खर्च होती है। ऐसे में कुछ ही घंटों में सत्र समाप्त कर देना करदाताओं के पैसे का दुरुपयोग है। यदि सरकार की मंशा केवल औपचारिकता निभाने की थी, तो सत्र देहरादून में भी आयोजित किया जा सकता था।

गोदियाल ने कहा कि गैरसैंण केवल विधानसभा सत्र आयोजित करने का स्थान नहीं, बल्कि उत्तराखंड राज्य आंदोलन की भावनाओं और पहाड़ की जनता की आकांक्षाओं का प्रतीक है। इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करने के पीछे पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को शासन की प्राथमिकताओं में शामिल करने की भावना रही है। गैरसैंण की गरिमा तभी कायम रह सकती है, जब वहां नियमित रूप से पर्याप्त अवधि के विधानसभा सत्र आयोजित किए जाएं।

उन्होंने दावा किया कि गैरसैंण में विधानसभा भवन सहित महत्वपूर्ण आधारभूत सुविधाओं का विकास पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने कराया था। उन्होंने दोहराया कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किया जाएगा।

गोदियाल ने कहा कि विधानसभा सत्र का उद्देश्य केवल विधायी औपचारिकताएं पूरी करना नहीं, बल्कि जनता की आवाज उठाना और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करना है। प्रत्येक विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएं सदन में रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने सरकार से भविष्य में गैरसैंण में पर्याप्त अवधि के सत्र आयोजित करने की मांग की।

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