मतदाता सूचियों की निष्पक्षता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग से जवाब मांगा
अजय कुमार लल्लू ने मतदाता सूचियों में हेरफेर का लगाया आरोप, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतपत्र से चुनाव कराने की मांग

देहरादून, 28 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय कुमार लल्लू ने मतदाता सूचियों की शुद्धता और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए आवश्यक है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रहें। यदि चुनाव की निष्पक्षता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं तो लोकतांत्रिक संस्थाओं का दायित्व है कि वे तथ्यों के आधार पर उनका संतोषजनक जवाब दें।
बुधवार को देहरादून में कांग्रेस के ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के अंतर्गत आयोजित पत्रकार वार्ता में लल्लू ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा था कि तकनीकी प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आड़ में वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने तथा संदिग्ध नाम जोड़ने की घटनाएं सामने आई हैं।
लल्लू ने उत्तर प्रदेश की पीलीभीत सदर विधानसभा सीट का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहां 16,554 मतदाता प्रविष्टियों में अनियमितताएं पाई गईं। उनके अनुसार 13,150 प्रविष्टियों में मतदाता फोटो पहचान पत्र की संख्या यथावत रखते हुए नाम बदल दिए गए, जबकि 884 मतदाताओं के नाम हटाए गए और 2,600 बाहरी व्यक्तियों के नाम सूची में शामिल किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार की गड़बड़ियां चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
हालांकि, पत्रकार वार्ता में प्रस्तुत इन आंकड़ों और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया कि संबंधित मतदाता प्रविष्टियों की जांच निर्वाचन आयोग अथवा सक्षम अधिकारियों द्वारा किस स्तर तक की गई है। मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया के अंतर्गत वैधानिक प्रावधान भी हैं। इसलिए किसी प्रविष्टि में परिवर्तन को अपने आप में चुनावी धोखाधड़ी का प्रमाण नहीं माना जा सकता। कांग्रेस के आरोपों की वास्तविकता का निर्धारण संबंधित अभिलेखों और जांच के आधार पर ही संभव होगा।
कांग्रेस नेता ने उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की मतदाता सूचियों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि तकनीकी हेरफेर के माध्यम से बड़ी संख्या में ऐसे मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जो विपक्षी दलों के समर्थक माने जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में राज्यवार सत्यापित आंकड़ों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। इस संबंध में निर्वाचन आयोग का पक्ष भी सामने आना आवश्यक है।
लल्लू ने कहा कि मतदाता सूची में प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम गलत तरीके से हटाया जाता है अथवा अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल किया जाता है तो इससे चुनाव प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने मांग की कि मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए।
पत्रकार वार्ता में कांग्रेस नेता ने पार्टी की ओर से तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने में कथित विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने भविष्य के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों के स्थान पर पारंपरिक मतपत्रों से कराने और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया तत्काल रोकने की मांग उठाई।
उल्लेखनीय है कि इलेक्ट्रॉनिक मतदान मशीनों की विश्वसनीयता और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के बीच लंबे समय से मतभेद रहे हैं। निर्वाचन आयोग का घोषित उद्देश्य मतदाता सूचियों को अद्यतन रखना तथा पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करना है। दूसरी ओर, विपक्षी दलों की चिंता है कि पुनरीक्षण के दौरान किसी भी पात्र नागरिक का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। ऐसे में विवाद का समाधान पारदर्शी जांच, प्रमाणों की समीक्षा और निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से ही संभव है।
लल्लू ने घोषणा की कि आगामी एक नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली और मार्च में चुनाव संबंधी अनियमितताओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से लगभग 50 हजार और उत्तराखंड से 25 हजार से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता तथा समर्थक भाग लेंगे। ये संख्या कांग्रेस की ओर से व्यक्त अनुमान हैं।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने मतदाता पहचान पत्र की संख्या के माध्यम से मतदाता सूची में अपना नाम और अन्य विवरण जांचें। किसी प्रकार की त्रुटि मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार शिकायत दर्ज कराएं।
लल्लू ने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए मतदान केंद्र स्तर से लेकर न्यायालय तक लोकतांत्रिक और कानूनी संघर्ष जारी रखेगी।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, कांग्रेस महामंत्री राजेंद्र भंडारी, महानगर अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह गोगी, प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, परवादून जिला अध्यक्ष मोहित उनियाल और प्रशांत खंडूरी सहित अन्य कांग्रेस नेता उपस्थित रहे।

