बंदरखंड प्राथमिक विद्यालय पर मंडरा रहा सूखे पेड़ का खतरा, धन के अभाव में नहीं हो रही कटाई
**पेड़ की शाखा गिरने से क्षतिग्रस्त हो चुका है विद्यालय भवन, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता**
गौचर, 25 अक्टूबर (गुसाईं)। नगर पालिका क्षेत्र के बंदरखंड प्राथमिक विद्यालय से सटा आम का विशालकाय सूखा पेड़ लंबे समय से विद्यालय भवन और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। विद्यालय के शिक्षक इस पेड़ को कटवाने के लिए शिक्षा विभाग, वन विभाग और प्रशासन से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन धन की कमी का हवाला देकर अब तक इसकी कटाई नहीं कराई गई है।
विद्यालय से सटा यह पेड़ लगातार कमजोर होता जा रहा है। स्थिति यह है कि हवा के मामूली झोंकों से भी इसकी सूखी शाखाएं टूटकर गिरने लगी हैं। कुछ दिन पहले एक बड़ी शाखा टूटकर गिरने से विद्यालय भवन को आंशिक क्षति पहुंची थी। इसके साथ ही विद्यालय तक पहुंचने वाला रास्ता भी अवरुद्ध हो गया था। शिक्षकों के काफी प्रयासों के बाद उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग के हस्तक्षेप से गिरी हुई शाखा हटवाकर रास्ता खुलवाया जा सका।
इसके बावजूद मुख्य पेड़ को हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लगातार सूखने और सड़ने के कारण पेड़ की स्थिति और अधिक खतरनाक होती जा रही है। शिक्षकों को आशंका है कि तेज हवा चलने या पेड़ का कोई बड़ा हिस्सा टूटकर गिरने से कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है।
विद्यालय के शिक्षकों का कहना है कि संबंधित विभागों को खतरे से बार-बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन हर बार धन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर मामला टाल दिया जाता है। सवाल यह है कि जब पेड़ की शाखा गिरने से विद्यालय भवन को नुकसान पहुंच चुका है, तब किसी बड़ी दुर्घटना की प्रतीक्षा क्यों की जा रही है?
विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए इस खतरनाक पेड़ को तत्काल हटाने की आवश्यकता है।

