भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल होगा स्वदेश निर्मित बहुउद्देश्यीय युद्धपोत समर्थक

देहरादून, 13 अक्टूबर । भारतीय नौसेना 16 अक्टूबर 2026 को कारवार स्थित नौसैनिक अड्डे पर बहुउद्देश्यीय युद्धपोत समर्थक को अपने बेड़े में शामिल करने वाली है। केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया पहल के तहत लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड द्वारा निर्मित, समर्थक युद्धपोत भारतीय नौसेना में शामिल होने वाले चार बहुउद्देश्यीय जहाजों में पहला पोत है।
युद्धपोत समर्थक को नौ सेना के बेड़े में शामिल करना भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। यह पोत नौसेना के भविष्य के रणनीतिक अभियानों के साथ ही उपादेयता की दृष्टि से आदर्श उपयोगी जहाज़ सिद्ध होगा।
मुख्य रूप से समुद्री निगरानी और गश्त के लिए तैयार किया गया समर्थक, कम तीव्रता वाले समुद्री संचालन, लक्ष्य तैनाती और परीक्षण प्लेटफॉर्म, मानवरहित स्वायत्त प्रणाली मदरशिप, मानवीय सहायता और आपदा राहत तथा सीमित अस्पताल में रूपांतरित होने और बचाव कार्यों में सक्षम है।
स्वदेशी हथियारों, सेंसरों, रडार और इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों से युक्त यह पोत विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में संचालन के लिए सर्वथा उपयुक्त है। एकल उद्देश्य के लिए बनाए गए पारंपरिक जहाज़ों के विपरीत, समर्थक को स्थिति अनुरुप क्षमतावान पोत के रूप में डिजाइन किया गया है जिसका उपयोग नौसैनिक परीक्षणों और परिचालन सहायता दोनों के लिए किया जा सकता है।
यह प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान राहत और बचाव कार्यों में भी सहायता प्रदान कर सकता है।
समर्थक पोत के शिखर पर लहरों से निकलने वाले दुर्जेय भारतीय हाथी को दर्शाया गया है, जो शक्ति, बुद्धिमत्ता और चपलता का प्रतीक है।
इस युद्धक पोत का आदर्श वाक्य है: “विजयार्थम् एकनिष्ठता“ अर्थात विजय ही हमारा एकमात्र उद्देश्य है।

