औली में भारत-अमेरिका के जवानों ने किया आतंकवाद विरोधी अभियानों का संयुक्त अभ्यास
औली-जोशीमठ, 21 सितम्बर (कपरुवाण)। उत्तराखंड के औली में चल रहे ‘युद्ध अभ्यास-2026’ के दौरान भारतीय और अमेरिकी सेना के जवानों ने आतंकवाद विरोधी अभियानों की विभिन्न परिस्थितियों से निपटने का संयुक्त प्रशिक्षण लिया। ऊंचाई वाले चुनौतीपूर्ण पहाड़ी क्षेत्र में दोनों सेनाओं ने नजदीकी मुठभेड़ की परिस्थितियों में भवनों की तलाशी, उनमें प्रवेश और कमरों को सुरक्षित करने से संबंधित अभ्यास किए।
संयुक्त प्रशिक्षण के दौरान हमलावर दस्तों के साथ आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीमों के समन्वय पर विशेष जोर दिया गया। ड्रोन, रोबोटिक डॉग, डॉग स्क्वॉड और स्नाइपर्स के समन्वित इस्तेमाल के जरिए यह अभ्यास किया गया कि आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान तकनीकी साधनों और प्रशिक्षित जवानों का प्रभावी ढंग से किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है।
अभ्यास के दौरान अमेरिकी सेना के जवानों ने भारतीय सैनिकों के साथ विभिन्न सैन्य तकनीकों, उपकरणों और अभियान संबंधी अनुभवों का आदान-प्रदान किया। दोनों सेनाओं के जवानों ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान संचार, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया की प्रक्रियाओं का भी अभ्यास किया।
‘युद्ध अभ्यास-2026’ का उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच संयुक्त संचालन क्षमता बढ़ाने के साथ ही एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, रणनीति और तकनीकी क्षमताओं को समझना है। इसके माध्यम से दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान और सैन्य सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
औली की ऊंचाई और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में हो रहा यह प्रशिक्षण पर्वतीय क्षेत्रों में अभियान संचालन की चुनौतियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। संयुक्त अभ्यास में आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ दस्तों और जमीनी सैनिकों के बीच बेहतर तालमेल विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
