नेटवर्क के अभाव में तीन दिन से ठप मनरेगा कार्य, मजदूरों को लौटना पड़ रहा बैरंग
रिखणीखाल, 2 अगस्त (प्रभुपाल रावत)। पौड़ी गढ़वाल जिले के रिखणीखाल विकासखंड की ग्राम पंचायत नावेतल्ली में संचार नेटवर्क की समस्या के कारण मनरेगा एवं वीबीजीजीवाई (VBGGY) के तहत संचालित विकास कार्य पिछले तीन दिनों से ठप पड़े हैं। एनएमएसएस (NMMS) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने से मजदूरों को बिना काम किए वापस लौटना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत से दो-तीन किलोमीटर की दूरी पर बीएसएनएल के नावेमल्ली और क्वीराली स्थित दो मोबाइल टावर हैं, लेकिन लंबे समय से उनका नेटवर्क बेहद कमजोर है। स्थिति यह है कि कई बार सामान्य फोन कॉल और संदेश तक भेजना मुश्किल हो जाता है।
उत्तराखंड सरकार के निर्देशानुसार मनरेगा सहित अन्य योजनाओं में कार्यरत श्रमिकों की उपस्थिति एनएमएसएस ऐप के माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। हालांकि नेटवर्क उपलब्ध न होने के कारण ऐप संचालित नहीं हो पा रहा है। इससे पिछले तीन दिनों से मजदूर कार्यस्थल तक पहुंचने के बावजूद हाजिरी दर्ज नहीं करा पा रहे हैं और उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान ने बताया कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों की परिस्थितियों को देखते हुए सरकार को व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक क्षेत्र में संचार नेटवर्क सुचारु नहीं होता, तब तक ऐसे इलाकों में ऑफलाइन व्यवस्था लागू की जानी चाहिए, ताकि विकास कार्य और श्रमिकों का रोजगार प्रभावित न हो।
लगातार बारिश के बीच रोजगार की उम्मीद लेकर कार्यस्थल पहुंच रहे मजदूरों को काम नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक व्यवस्था करने और क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

