आपदा/दुर्घटना

भूस्खलन की जद में किमाणा गांव, 12 दिनों से दहशत में ग्रामीण; रातभर जागकर कर रहे पहरा

ज्योतिर्मठ, 3 अगस्त (कपरुवाण)। ज्योतिर्मठ ब्लॉक का किमाणा गांव पिछले 12 दिनों से लगातार भूस्खलन की चपेट में है। हल्की बारिश भी ग्रामीणों के लिए आफत बन रही है। पहाड़ी से बड़े-बड़े बोल्डरों और मलबे के साथ हो रहा भूस्खलन गांव तक पहुंचकर भारी नुकसान पहुंचा रहा है। स्थिति ऐसी है कि ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
बीती 21 जुलाई से शुरू हुई भारी बारिश के बाद से गांव के ऊपर की पहाड़ी लगातार दरक रही है। पहाड़ी से बहकर आ रहा मलबा खेतों, नगदी फसलों और गौशालाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। खतरे को देखते हुए कई परिवार रात के समय अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर समय बिता रहे हैं।
ग्राम प्रधान शशि देवी ने शनिवार देर रात करीब साढ़े 12 बजे गांव की भयावह स्थिति का वीडियो और फोटो स्थानीय प्रशासन को भेजा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण टॉर्च की रोशनी में जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने को विवश थे। गांव की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
शनिवार को बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला, ब्लॉक प्रमुख अनूप नेगी तथा स्थानीय प्रशासन की टीम ने किमाणा गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
एसडीएम चंद्रशेखर बशिष्ठ ने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को टेंट और तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं। क्षतिग्रस्त गौशालाओं का नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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