गढ़वाल और देहरादून में कांग्रेस की न्याय यात्रा, भाजपा सरकार पर निशाना
**गोदियाल ने उठाए पलायन और बेरोजगारी के मुद्दे, प्रीतम सिंह ने राजधानी की नागरिक समस्याओं पर घेरा**

देहरादून, 25 अक्टूबर। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से संचालित न्याय यात्रा के तहत रविवार को गढ़वाल और देहरादून के चार विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में लैंसडाउन और चौबट्टाखाल, जबकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में देहरादून कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली गई। कांग्रेस नेताओं ने बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, पलायन और नागरिक सुविधाओं को लेकर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
लैंसडाउन और चौबट्टाखाल में गोदियाल के साथ विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला भी यात्रा में शामिल हुए। गोदियाल ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार जैसी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं। रोजगार के अवसरों की कमी से युवाओं का पलायन जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
गोदियाल ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था तथा महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने जंगली जानवरों से ग्रामीणों और किसानों को हो रही परेशानियों को भी प्रमुख मुद्दा बताया। विधायक विक्रम सिंह नेगी और लखपत बुटोला ने दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं तथा शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई।
उधर, देहरादून कैंट और धर्मपुर क्षेत्रों में प्रीतम सिंह तथा पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला के नेतृत्व में आयोजित यात्रा के दौरान राजधानी की समस्याएं उठाई गईं। प्रीतम सिंह ने कहा कि बढ़ती आबादी के अनुरूप सड़क, पेयजल, जलनिकासी और यातायात सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है। उन्होंने सरकारी रिक्त पदों पर नियुक्तियों में तेजी लाने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि न्याय यात्रा के माध्यम से जनता की समस्याओं को सरकार के सामने रखा जाएगा। उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इन मुद्दों को प्रमुखता देने की बात कही।
हालांकि, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों के समर्थन में प्रेस विज्ञप्ति में स्वतंत्र आंकड़े प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। भाजपा सरकार का पक्ष भी विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। इसलिए इन आरोपों को कांग्रेस का राजनीतिक दृष्टिकोण माना जाना चाहिए। सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और विपक्ष के आरोपों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन संबंधित आधिकारिक आंकड़ों तथा दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही संभव होगा।

