हरेला पर अलकनंदा तट स्थित शिवालय परिसर में हुआ वृहद वृक्षारोपण, पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प

गौचर, 19 जुलाई (गुसाईं)। हरेला पर्व के तहत रविवार को भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ, उत्तराखंड की चमोली इकाई ने विभिन्न विभागों के सहयोग से ग्राम बंदरखण्ड स्थित अलकनंदा नदी तट के शिवालय मंदिर परिसर में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया। इस दौरान प्रतिभागियों ने रोपित पौधों के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की शपथ भी ली।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिवालय में पूजा-अर्चना के साथ हुआ। वृक्षारोपण अभियान में बंदरखण्ड महिला संगठन, स्थानीय युवाओं, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), वन विभाग, उद्यान विभाग तथा ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं ने पारंपरिक हरेला गीत गाकर पर्व की खुशियां मनाईं। इस अवसर पर छायादार एवं फलदार प्रजातियों के 100 से अधिक पौधे रोपे गए।
भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के जिला अध्यक्ष दिगपाल गुसाईं ने सभी प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाते हुए कहा कि पौधे लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण करना है। उन्होंने आईटीबीपी की 8वीं वाहिनी के सेनानी मनोहर सिंह रावत, वन विभाग, उद्यान विभाग तथा नगर पालिका के सफाई कर्मियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रवीर गायत्री के नेतृत्व में संगठन भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा।
मुख्य अतिथि के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित आईटीबीपी के उप सेनानी विनोद कुमार ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें जीवित रखा जाए।
बंदरखण्ड ग्राम समिति के अध्यक्ष जगदीश कनवासी ने पत्रकार संघ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामवासी रोपे गए पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएंगे।
इस अवसर पर वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी, बीट अधिकारी सम्पत सिंह रावत, उद्यान विभाग के नरेंद्र बिष्ट, विधिक सेवा प्राधिकरण के देवेन्द्र कुमार, सभासद विनोद कनवासी, पत्रकार संघ के महामंत्री खुशाल सिंह असवाल, प्रदीप लखेड़ा, अरुण मिश्रा, देवेन्द्र गुसाईं, भानू प्रकाश नेगी, लोक कल्याण समिति के अध्यक्ष सुनील पंवार, लक्ष्मण पटवाल तथा महिला मंगल दल की अध्यक्ष सतेश्वरी कनवासी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, युवा और ग्रामीण उपस्थित रहे।
रोपित पौधों के संरक्षण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने रोपित पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि हरेला केवल पौधरोपण का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी प्रेरक संदेश देता है।
