धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

श्रावण के पहले सोमवार के लिए शिवमय हुई पिंडर घाटी

 

थराली, 19 जुलाई (हरेन्द्र बिष्ट)। सावन के प्रथम सोमवार पर भगवान शिव के जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना के लिए पिंडर घाटी के प्रमुख शिवालयों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। गढ़वाल की पिंडर घाटी, कुमाऊं की कत्यूर घाटी तथा गैरसैंण की खनसर घाटी के श्रद्धालुओं के बीच विशेष आस्था का केंद्र घने जंगलों के बीच स्थित अंग्यारी महादेव मंदिर में रविवार से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया। वहीं, सावन के प्रथम सोमवार के अवसर पर क्षेत्र के अनेक शिवालयों में भंडारों का भी आयोजन किया जाएगा।
प्रदेश के अन्य शिवालयों की भांति थराली, देवाल और नारायणबगड़ क्षेत्र के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। कत्यूर, पिंडर और खनसर घाटियों के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था से जुड़े अंग्यारी महादेव मंदिर में जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में शिवभक्त रविवार को ही रवाना हो गए। श्रद्धालु रविवार रात्रि को मंदिर परिसर में जागरण करेंगे और सोमवार प्रातः भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
अंग्यारी महादेव मंदिर आबादी क्षेत्र से लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर घने जंगल के बीच स्थित है, जहां तक श्रद्धालुओं को पैदल पहुंचना पड़ता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अंग्यारी क्षेत्र को कुमाऊं की प्रसिद्ध गोमती नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है।
सावन के प्रथम सोमवार के मद्देनज़र थराली के बेतालेश्वर महादेव, ग्वालदम, तलवाड़ी, सोल डुंग्री, मींग महादेव, असेड़ महादेव, देवाल, तिन्यूड़ा-देवसारी, जैनबिष्ट, हरनी, मेलखेत सहित क्षेत्र के अन्य शिवालयों की साफ-सफाई और सजावट पूरी कर ली गई है। श्रद्धालुओं के जलाभिषेक के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। कई मंदिरों में सामूहिक भंडारों का आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां स्थानीय शिवभक्तों द्वारा पूरी कर ली गई हैं।

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