हिंदी दिवस पर कविता पाठ, चंद्र कुंवर बर्त्वाल को दी श्रद्धांजलि

नरेंद्रनगर, 15 सितम्बर। धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय नरेंद्रनगर के हिंदी विभाग और पत्रकारिता एवं संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हिंदी दिवस मनाया गया। इस अवसर पर हिमवंत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की 80वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विजय सिंह नेगी ने कहा कि हिंदी करोड़ों भारतीयों की पहचान है और इस समृद्ध भाषा तथा इसकी विरासत को बोलचाल और व्यवहार में जीवंत बनाए रखने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए हिंदी विभाग प्रभारी ने हिंदी दिवस के महत्व के साथ डिजिटल तकनीक के भाषा पर पड़ रहे प्रभाव, उसके लाभ और चुनौतियों की जानकारी दी।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा के वर्तमान और भविष्य पर अपने विचार रखे तथा कविताओं के माध्यम से विभिन्न सामाजिक विषयों को अभिव्यक्त किया। बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा हिमांशी भंडारी ने ‘हिंदी की व्यथा’ कविता के माध्यम से भाषा से जुड़े सवाल उठाए, जबकि बीए प्रथम वर्ष की छात्रा रानी पुंडीर ने ‘पलायन करते गांव’ कविता में पहाड़ों से हो रहे पलायन और गांवों की पीड़ा को स्वर दिया।
इस अवसर पर डॉ. बर्त्वाल ने ‘जागो रे जागो’, डॉ. आशा डोभाल ने हास्य कविता, डॉ. सोनी तिलारा ने ‘भारत माता के मस्तक की बिंदी’ गीत और डॉ. सृचना सचदेवा ने प्रकृति को समर्पित कविता प्रस्तुत की।
कविता पाठ प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम वर्ष की हिमांशी भंडारी ने प्रथम, बीए प्रथम वर्ष की रानी पुंडीर ने द्वितीय और बीए प्रथम वर्ष की प्रमिला रमोला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। डॉ. विजय प्रकाश भट्ट, डॉ. सुधा रानी और डॉ. सोनी तिलारा ने निर्णायक मंडल की भूमिका निभाई।
विजेताओं के साथ सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
