बड़ी जात : नंदा की डोलियां 11वें पड़ाव कनोल पहुँची

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/नंदानगर, 14 सितम्बर। श्री नंदादेवी की बड़ी जात सोमवार को अपने 11वें पड़ाव की ओर बढ़ी। बधाण परगना की श्री नंदादेवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली फल्दियागांव पहुंची, जबकि दशोली और बण्ड परगना की डोलियां तथा विभिन्न क्षेत्रों और गांवों से बड़ी जात में शामिल छतोलियां अपने 11वें पड़ाव कनोल गांव पहुंचीं। यात्रा आगे बढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
बधाण की नंदादेवी की उत्सव डोली सोमवार सुबह अपने 10वें पड़ाव इच्छोली से रवाना हुई। कैल और हाट कल्याणी गांव होते हुए डोली 11वें पड़ाव फल्दियागांव पहुंची। इच्छोली, कैल और हाट कल्याणी में ग्रामीणों ने डोली का स्वागत कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कई महिलाओं, युवतियों और पुरुषों पर देवी अवतरित हुईं। उन्होंने काफी देर तक नृत्य किया और श्रद्धालुओं को जौ-चावल देकर आशीर्वाद दिया।
फल्दियागांव पहुंचने पर स्थानीय और आसपास के गांवों के लोगों ने नंदा डोली का स्वागत किया। यहां बड़ी जात के अवसर पर अठवाड़ कौथिग का आयोजन किया गया, जिसमें देवताओं के पश्वाओं ने नृत्य किया और देवी की स्तुति की गई। ग्राम प्रधान प्रेम सिंह परिहार, मनोज पाल परिहार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने यात्रा का स्वागत किया।
उधर, दशोली और बण्ड परगना की नंदा डोलियां तथा दशोली, नंदाक सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी जात में शामिल छतोलियां सोमवार सुबह अपने 10वें पड़ाव आला गांव से रवाना हुईं। विदाई के दौरान आला और आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने देवी डोलियों और छतोलियों की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं। यहां भी कई महिलाओं और युवतियों पर देवी अवतरित हुईं।
यात्रा इसके बाद जोखना और सितेल गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने डोलियों और छतोलियों का स्वागत किया। देर शाम यात्रा नंदानगर विकासखंड के कनोल गांव स्थित 11वें पड़ाव पर पहुंची। कनोल और आसपास के गांवों के लोगों ने पूजा-अर्चना के साथ यात्रियों का स्वागत किया। यहां देवी की विशेष पूजा के लिए कौथिग का आयोजन किया गया है। यात्रा के स्वागत में महिलाएं कलश लेकर भी शामिल हुईं।
मंदिर समिति कुरूड़ के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला और बड़ी जात समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि बड़ी जात में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा के आगामी पड़ावों को लेकर भी क्षेत्र के गांवों में उत्साह बना हुआ है।
