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मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ रवाना

 

उत्तराखंड में राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान शुरू


देहरादून, 24 जनवरी। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर देहरादून से “बाल विवाह मुक्ति रथ” को फ्लैग ऑफ कर राज्यव्यापी जन-जागरूकता अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। यह अभियान समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, देहरादून द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक और सक्रिय होना होगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्ति रथ एक चलित जन-जागरूकता अभियान के रूप में दूरस्थ, ग्रामीण एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँचेगा और समयबद्ध, सघन व प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करेगा।
यह अभियान भारत सरकार द्वारा संचालित 100 दिवसीय सघन अभियान (100 Days Intensive Campaign) तथा “जस्ट राइट टू चिल्ड्रन” अभियान के अंतर्गत देश के 1 लाख गाँवों को बाल विवाह मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप संचालित किया जा रहा है। यह अभियान 24 जनवरी 2026 से 8 मार्च 2026 तक चलेगा।
अभियान के अंतर्गत विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, सूचना-शिक्षा-संचार (IEC) सामग्री का वितरण तथा जनसंवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
कार्यक्रम में उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सहभागिता की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह केवल कानून का विषय नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके उन्मूलन के लिए सभी विभागों, पंचायतों, स्कूलों, स्वयंसेवी संगठनों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने बाल विवाह मुक्ति रथ को एक प्रभावशाली और सकारात्मक पहल बताते हुए सभी विभागों से सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी व उनकी टीम, चाइल्ड लाइन, नागरिक सुरक्षा संगठन के वार्डन, ग्रासरूट अवेयरनेस एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट ऑफ सोसायटी (गति), आसरा ट्रस्ट, एसोसिएशन फॉर वोलेंट्री एक्शन सहित विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। समर्पण संस्था की जस्ट राइट टीम भी कार्यक्रम में मौजूद रही।
समर्पण सोसाइटी ने बताया कि यह अभियान बाल संरक्षण, बाल अधिकारों की रक्षा, किशोरियों के सशक्तिकरण और सुरक्षित भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संस्था का मानना है कि सरकार, प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही उत्तराखंड सहित पूरे देश को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सकता है।

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