6 से 9 मार्च के बीच आयोजित होगा टिहरी लेक फेस्टिवल
टिहरी में पर्यटन को नई ऊंचाई देगा लेक फेस्टिवल

नयी टिहरी, 25 फरबरी। पुराने टिहरी शहर को अपने आगोश में समेटे झील की सैर, गंगा की वेगवान लहरों पर राफ्टिंग, रहस्यमयी खैट पर्वत की ट्रैकिंग और देवप्रयाग के संगम तट पर योग—इन सभी अनुभवों का अनूठा संगम इस वर्ष 6 से 9 मार्च तक आयोजित Himalayan O₂ – टिहरी लेक फेस्टिवल में देखने को मिलेगा।उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद और टिहरी जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आयोजित इस चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ 6 मार्च को पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाना प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी नीतिका खंडेलवाल के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य टिहरी को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करते हुए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करना है। महोत्सव में ट्रैकिंग, माउंटेन बाइकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, मास्टर शेफ प्रतियोगिता, फैशन शो और फोटोग्राफी प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
एक लाख तक के इनाम और रंगारंग प्रस्तुतियां
महोत्सव में प्रतिभागियों के लिए आकर्षक प्रतियोगिताओं की श्रृंखला तैयार की गई है। मास्टर शेफ, फोटोग्राफी, पेंटिंग, सोशल मीडिया रील, ग्रुप फैशन शो, मिस्टर एंड मिस टिहरी, राफ्टिंग और रैप सिंगिंग जैसी प्रतियोगिताओं में प्रथम पुरस्कार एक लाख रुपये तक, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपये और तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपये रखा गया है। साथ ही दस सांत्वना पुरस्कार (प्रत्येक 5 हजार रुपये) भी दिए जाएंगे।
उद्घाटन समारोह कोटी कॉलोनी में होगा, जहां फूड फेस्टिवल, मिस्टर एंड मिस टिहरी, मास्टर शेफ प्रतियोगिता और वीर भड़ माधो सिंह भंडारी की जीवनगाथा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी।
6 मार्च को पांडवाज और 7 मार्च को अमित त्रिवेदी की लाइव प्रस्तुतियां महोत्सव में खास आकर्षण रहेंगी।
एडवेंचर से आध्यात्म तक: टिहरी का सम्पूर्ण अनुभव
महोत्सव के दौरान प्रतापनगर ब्लॉक में माजफ–पीडी ट्रैक (7 मार्च) और थात–खैट पर्वत ट्रैक (8 मार्च) आयोजित होंगे, जबकि घनसाली में बासल ताल ट्रैक का आयोजन किया जाएगा। नरेंद्र नगर ब्लॉक में 8 मार्च को ब्रह्मपुरी से खारास्रोत तक गंगा राफ्टिंग और धनोल्टी क्षेत्र में सुआखोली से देवलसारी तक एमटीबी राइड भी शामिल है।
आध्यात्मिक अनुभव के इच्छुक प्रतिभागियों को देवप्रयाग में स्थित रघुनाथ मंदिर के दर्शन, संगम तट पर गंगा आरती और योगाभ्यास का अवसर भी मिलेगा। साथ ही ऐतिहासिक वेदशाला का भ्रमण भी कराया जाएगा।
चार दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव रोमांच, संस्कृति और आध्यात्म का ऐसा संगम प्रस्तुत करेगा, जो टिहरी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
