नशा मुक्ति केंद्र में अनियमितताएं उजागर, एसडीएम ने कार्रवाई के दिए निर्देश
थराली, 5 अप्रैल (हरेंद्र बिष्ट)। पर्यटन नगरी ग्वालदम में संचालित एक नशा मुक्ति केंद्र में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इस पर थराली के उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट ने आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शनिवार को उपजिलाधिकारी पंकज भट्ट के नेतृत्व में सीएचसी थराली के प्रतिनिधि डॉ. आशीष नौटियाल, डॉ. हेमचंद्र बिष्ट, सहायक समाज कल्याण अधिकारी राजेंद्र सिंह बिमोली तथा ग्वालदम के उपनिरीक्षक मनोज बडर्थ्वाल की टीम ने समग्र ग्रामीण विकास समिति, ग्वालदम द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान समिति के प्रबंधक बलवीर सिंह गाड़िया भी उपस्थित रहे।
जांच में सामने आया कि केंद्र का संचालन दिसंबर 2025 से किया जा रहा है, लेकिन संचालक किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। समिति द्वारा 15 कर्मचारियों का पंजीकरण दिखाया गया, जिनमें नर्स, डॉक्टर और योग प्रशिक्षक शामिल बताए गए, किंतु किसी के पास वैध डिग्री या प्रमाणपत्र नहीं पाए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी पाया गया कि एक डॉक्टर की डिग्री आंध्र प्रदेश में पंजीकृत है, जिसे कथित रूप से संपादित कर मनोज भट्ट के नाम से प्रस्तुत किया गया है। संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना पंजीकरण के अवैध रूप से मेडिकल स्टोर संचालित किए जाने की भी जानकारी मिली। बताया गया कि उसके पास केवल डी-फार्मा का डिप्लोमा है, जबकि मेडिकल स्टोर संचालन हेतु आवश्यक पंजीकरण नहीं कराया गया है और न ही दवाओं का कोई स्टॉक रजिस्टर संधारित किया जा रहा है।
नशा मुक्ति केंद्र के ओपीडी कक्ष में आवश्यक उपकरण, जैसे स्फिग्मोमैनोमीटर सहित अन्य मशीनें खराब पाई गईं, जबकि अधिकांश दवाएं एक्सपायर मिलीं। इसके अलावा केंद्र का सीसीटीवी सिस्टम भी खराब पाया गया।
इन गंभीर अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए एसडीएम पंकज भट्ट ने संबंधित केंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
