पोखरी : डंपिंग जोन का मलबा पागल गदेरे में बहा, किसानों के खेत और सिंचाई नहर तबाह

मुआवजे की मांग को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पोखरी, 20 जुलाई। रविवार रात हुई भारी बारिश के बाद पागल गदेरे में आए मलबे से विकासखंड पोखरी के विनगढ़ गांव के किसानों की कृषि भूमि को भारी नुकसान पहुंचा है। ग्रामीणों का आरोप है कि पोखरी-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग के चौड़ीकरण एवं डामरीकरण कार्य के दौरान लोक निर्माण विभाग द्वारा झिलिड़िया क्षेत्र में बनाए गए डंपिंग जोन का मलबा बारिश के साथ बहकर गदेरे में आ गया, जिससे खेत, सिंचाई नहर और मनरेगा से निर्मित दो हौज मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गए।

ग्राम प्रधान ममता चौहान, पूर्व प्रधान हर्षवर्धन चौहान, सुशील सिंह नेगी, भूपेंद्र नेगी, आनंद सिंह, सरिता देवी, जगमोहन नेगी, दर्शन नेगी, मनोज नेगी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर बताया कि पागल गदेरे के किनारे स्थित सिंचित एवं असिंचित कृषि भूमि पूरी तरह मलबे की चपेट में आ गई है। निचला तोक से गढ़खेत तक कई किसानों के खेत प्रभावित हुए हैं, जिससे उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त कृषि भूमि, सिंचाई नहर तथा अन्य परिसंपत्तियों का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि डंपिंग जोन का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया गया होता तो इस प्रकार की व्यापक क्षति से बचा जा सकता था।
तहसीलदार रामकिशोर ध्यानी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व उपनिरीक्षक को मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करने तथा शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
