भारी बारिश से पिंडर घाटी की 22 सड़कें हुयीं बंद, 18 पर यातायात बहाल; चार मार्ग अब भी अवरुद्ध

–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 22 जुलाई। मंगलवार-बुधवार की रात हुई भारी बारिश के कारण क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा। मलबा, पत्थर, बोल्डर और पेड़ गिरने से लोक निर्माण विभाग के थराली डिवीजन के अंतर्गत 22 सड़कें अवरुद्ध हो गईं। विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया है, जबकि समाचार लिखे जाने तक चार सड़कें अब भी बंद थीं। उधर, पेयजल लाइनों के क्षतिग्रस्त होने से विकासखंड देवाल तथा नगर पंचायत थराली के राड़ीबगड़ और केदारबगड़ क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है।
भारी बारिश के कारण राज्य मार्ग संख्या-90 थराली-देवाल-मंदोली-वांण मोटर मार्ग गमलीगाड़ (किमी 16), ल्वाणी गांव (किमी 26) और मंदोली (किमी 32) के पास मलबा आने से बंद हो गया था। लोक निर्माण विभाग थराली की सहायक अभियंता जे.के. टम्टा ने बताया कि मार्ग को बुधवार सुबह लगभग 11 बजे छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है, जबकि बड़े वाहनों की आवाजाही बहाल करने के लिए जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
देवाल विकासखंड में देवाल-सुयालकोट-खेता मोटर मार्ग किमी 16 पर सुयालकोट के पास भूस्खलन के कारण अब भी बंद है। पहाड़ी से लगातार पत्थर गिरने के कारण मशीनें प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर पा रही हैं। हालांकि इसी मार्ग पर किमी 18 का अवरोध हटा दिया गया है।
थराली विकासखंड के अंतर्गत थराली-कुराड़-पार्था मोटर मार्ग किमी 2 और 4 पर तथा थराली-जूनीधार मार्ग किमी 4 पर मलबा आने से बंद हो गया था। समाचार लिखे जाने तक इन मार्गों को खोलने के लिए मशीनें लगी हुई थीं। नंदकेशरी-जोला मार्ग भी किमी 5 और 7 पर अवरुद्ध है, जबकि कूनी-पार्था मोटर मार्ग को सुबह लगभग 11:30 बजे यातायात के लिए खोल दिया गया।
नारायणबगड़ विकासखंड में नलगांव-भटियाणा मोटर मार्ग भी अभी बंद है। विभाग के अनुसार, भारी बारिश से प्रभावित 22 सड़कों में से 18 पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि शेष चार मार्गों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी है।
इधर, पेयजल लाइनों को हुए नुकसान के चलते जल संस्थान द्वारा थराली तथा जल निगम द्वारा देवाल क्षेत्र में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्कता बरतने की अपील की है।
