सैन्य बाहुल्य सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय की राह हुई आसान, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 22 जुलाई। सैनिक बाहुल्य गांव सवाड़ में प्रस्तावित केंद्रीय विद्यालय की स्थापना का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। राज्य सरकार ने विद्यालय के लिए स्वीकृत भूमि को केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे सवाड़ सहित पूरे देवाल विकासखंड के लोगों में एक बार फिर उम्मीद और उत्साह का संचार हुआ है।
सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की मांग पिछले एक दशक से की जा रही है। विद्यालय की स्थापना और संचालन के उद्देश्य से ग्रामीणों ने करीब पांच वर्ष पूर्व श्रमदान एवं जनसहयोग से लगभग 20 लाख रुपये की लागत से टिनशेड का निर्माण कराया था। इसके बावजूद न तो विद्यालय को स्वीकृति मिली और न ही कक्षाओं का संचालन शुरू हो सका।
ग्रामीणों ने अपनी निजी भूमि भी माध्यमिक शिक्षा विभाग के नाम रजिस्ट्री कर दी थी, ताकि उसे आगे केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम हस्तांतरित किया जा सके। पिछले वर्ष भारत सरकार के केंद्रीय विद्यालय संगठन ने सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी देते हुए शासनादेश भी जारी किया था। इसके बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि चालू शैक्षणिक सत्र से यहां कक्षाएं शुरू हो जाएंगी, लेकिन भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन के नाम दर्ज न होने सहित अन्य औपचारिकताओं का हवाला देते हुए संचालन शुरू नहीं हो सका। इससे क्षेत्रवासियों में निराशा फैल गई थी।
अमर शहीद सैनिक मेला समिति के अध्यक्ष दयाल बिष्ट, निवर्तमान अध्यक्ष आलम सिंह बिष्ट तथा सवाड़ की ग्राम प्रधान आशा धपोला ने बताया कि उत्तराखंड शासन के संयुक्त सचिव शिवस्वरूप त्रिपाठी ने 20 जुलाई को जिलाधिकारी चमोली को भेजे पत्र में सवाड़ स्थित 1.803 हेक्टेयर भूमि, जो वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा निदेशक, उत्तराखंड के नाम दर्ज है, उसे केंद्रीय विद्यालय संगठन के पक्ष में हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
क्षेत्रीय जनता और जनप्रतिनिधियों ने राज्य सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सवाड़ में केंद्रीय विद्यालय का संचालन शीघ्र शुरू हो सकेगा। इससे देवाल विकासखंड के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा।
