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उत्तराखंड के आठ जिलों में बाढ़ का खतरा, प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश

31 जुलाई को भारी बारिश और त्वरित बाढ़ की आशंका, चारधाम मार्गों समेत संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता

देहरादून, 30 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की चेतावनी के बाद उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने राज्य के आठ जिलों में संभावित बाढ़ और भारी वर्षा को देखते हुए प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। चेतावनी के अनुसार 31 जुलाई को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश के कारण जलभराव और त्वरित बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

एसईओसी की ओर से जारी निर्देशों में जिलाधिकारियों से कहा गया है कि सभी विभागों के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा जाए और किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जाए। आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को सक्रिय रहने तथा सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निर्देशों के अनुसार लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ और सीपीडब्ल्यूडी जैसी एजेंसियों को भूस्खलन अथवा अन्य कारणों से अवरुद्ध होने वाले मोटर मार्गों को शीघ्र खोलने के लिए आवश्यक मशीनरी और संसाधन तैयार रखने होंगे। राजस्व, ग्राम विकास तथा पंचायत स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में मौजूद रहने तथा सभी थाना और चौकियों को आपदा उपकरणों एवं संचार व्यवस्था के साथ पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एसईओसी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि राहत एवं बचाव कार्यों में लगे अधिकारी अपने मोबाइल फोन बंद न रखें तथा आवश्यकता पड़ने पर फंसे लोगों के लिए खाद्य सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करें।

चेतावनी में विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने और भारी वर्षा के दौरान ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगाने की भी सलाह दी गई है। जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी चेतावनियों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील करने को कहा गया है। साथ ही भूस्खलन संभावित मार्गों पर पहले से आवश्यक उपकरण और संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी संबंधित अधिकारियों से किसी भी आपदा की सूचना तत्काल एसईओसी को उपलब्ध कराने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

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