क्षेत्रीय समाचार

पोखरी में हस्तकला कौशल विकास की अनूठी पहल, तीन दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न

पोखरी, 25 अप्रैल (राणा)। बदलते समय में शिक्षा को रोजगारपरक बनाने की दिशा में पोखरी विकासखंड ने एक सराहनीय पहल की है। विद्यालयी शिक्षा में हस्तकला एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को समापन हो गया। कार्यशाला में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक कला एवं आधुनिक हस्तकौशल का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला का संचालन खंड शिक्षा अधिकारी विनोद सिंह मटूडा के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 (एनईपी-2020) तथा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क 2023 (एनसीएफ-2023) की गाइडलाइन पर आधारित रही, जिसमें सेंटर फॉर कल्चरल रिसोर्सेज एंड ट्रेनिंग (सीसीआरटी) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला में प्रारंभिक एवं माध्यमिक स्तर के 20 शिक्षकों के साथ 30 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों को कठपुतली कला, पिरूल हस्तकला, पेपर क्राफ्ट, पारंपरिक ऐपण कला, कैनवास पेंटिंग तथा वॉल पेंटिंग जैसी छह प्रमुख विधाओं में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला की रूपरेखा प्रभारी शिक्षिकाएं कुसुमलता गाड़िया और लता कोहली ने तैयार की, जिनका मार्गदर्शन प्रतिभागियों के लिए अत्यंत उपयोगी रहा।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि उपजिलाधिकारी सोहन सिंह रागड़ ने कहा कि वर्तमान में सरकारी नौकरियों के अवसर सीमित होते जा रहे हैं, जबकि बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में युवाओं को स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि हस्तकला जैसे कौशल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी विनोद सिंह मटूडा ने बताया कि इस प्रकार की कार्यशाला पूरे देश में पहली बार पोखरी ब्लॉक में आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देकर छात्रों को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।

उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने हस्तकौशल और आत्मनिर्भरता के संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कौशल आधारित शिक्षा छात्रों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होती है। वहीं खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कौशल एवं रोजगारपरक योजनाओं की जानकारी दी।

मास्टर ट्रेनरों ने सिखाए पारंपरिक हुनर
कार्यशाला में पिरूल कला की मास्टर ट्रेनर विनीता देवी, वूलन क्राफ्ट की करिश्मा तथा क्राफ्ट कला की अपराजिता ने प्रतिभागियों को विभिन्न हस्तकलाओं की बारीकियां सिखाईं। खास बात यह रही कि प्रतिभागी शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने प्रशिक्षक और प्रशिक्षु दोनों की भूमिका निभाकर सीखने की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया।

मेधावी छात्र हुए सम्मानित
इस अवसर पर ब्लॉक पोखरी से जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल तथा इंस्पायर अवॉर्ड में चयनित चार छात्र-छात्राओं को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिल सके। कार्यक्रम का संचालन रेखा पेटवाल राणा और राकेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया।

कार्यशाला में डॉ. आशुतोष, शांति नेगी, मनोज, रूचि बिष्ट, लता, निशा, पुष्पा, रमा किमोठी, अनिता राणा, विनोद रौतेला, प्रेम सिंह चौधरी, पुष्पा नेगी, बबीता भंडारी रावत, वीणापाणी रावत, समीर, चांदनी पलेठा सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर यह कार्यशाला न केवल शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक सिद्ध हुई, बल्कि स्थानीय कला एवं संस्कृति के संरक्षण के साथ-साथ स्वरोजगार की नई संभावनाओं के द्वार भी खोल गई।

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