स्पेसवॉक की तैयारी के साथ अंतरिक्ष स्टेशन पर मांसपेशियों और हड्डियों की सेहत पर शोध
वाशिंगटन, 23 अगस्त (NASA)। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर मौजूद एक्सपीडिशन-75 के अंतरिक्ष यात्रियों ने सप्ताह का समापन आगामी स्पेसवॉक की तैयारियों और मानव शरीर पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों से जुड़े वैज्ञानिक प्रयोगों के साथ किया। दल ने एक हाई-स्पीड अंतरिक्ष-से-पृथ्वी एंटीना की स्थापना पूरी करने के लिए आवश्यक तैयारियां कीं। इसके साथ ही अंतरिक्ष में व्यायाम की नई तकनीकों, मानव श्वसन तंत्र और पृथ्वी के अवलोकन से जुड़े प्रयोग भी किए गए।
नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट ने शुक्रवार को आईएसएस के क्वेस्ट एयरलॉक में आगामी स्पेसवॉक के लिए उपकरणों की तैयारी की। दोनों ने स्पेसवॉक के दौरान स्वयं को अंतरिक्ष स्टेशन से सुरक्षित रखने वाली टेथर प्रणालियों को व्यवस्थित किया और विशेष औजारों तथा जरूरी उपकरणों की जांच कर उन्हें इस्तेमाल के लिए तैयार रखा।
एडेनोट ने कंप्यूटर पर 3डी एनीमेशन की मदद से स्पेसवॉक की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास भी किया। इस तकनीक में अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर किए जाने वाले उनके कार्यों को उसी तरह प्रदर्शित किया गया है, जिससे वास्तविक स्पेसवॉक से पहले प्रत्येक गतिविधि की तैयारी की जा सके।
हाई-स्पीड एंटीना बदला जाएगा
नासा के अनुसार मेनन और एडेनोट मंगलवार को स्पेसवॉक के दौरान अंतरिक्ष स्टेशन के बाहर लगे खराब स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना को बदलेंगे। इस अभियान में नासा के जैक हैथवे और स्टेशन कमांडर जेसिका मेयर भी उनकी सहायता करेंगे।
मेनन कनाडार्म-2 रोबोटिक भुजा की मदद से एक अतिरिक्त एंटीना प्राप्त करेंगे, जिसे एडेनोट बाहरी प्लेटफॉर्म से उपलब्ध कराएंगी। इसके बाद दोनों इसे स्टेशन के जेड-1 ट्रस पर स्थापित करेंगे। एंटीना को सक्रिय करने के लिए आवश्यक विद्युत और डेटा कनेक्शन भी किए जाएंगे।
इसके बाद खराब एंटीना को उसके अस्थायी स्थान से निकालकर उसी बाहरी प्लेटफॉर्म पर रखा जाएगा। यदि समय बचा तो अंतरिक्ष यात्री हार्मनी मॉड्यूल के आगे के हिस्से में लगे एक रेट्रो-रिफ्लेक्टर को भी बदल सकते हैं। यह उपकरण अंतरिक्ष स्टेशन पर आने वाले यानों, जैसे स्पेसएक्स ड्रैगन, की नेविगेशन, ट्रैकिंग और सही स्थिति निर्धारित करने में मदद करता है।
अंतरिक्ष में मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत रखने पर शोध
अंतरिक्ष स्टेशन पर वैज्ञानिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानव शरीर पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों को समझना रहा। जैक हैथवे और सोफी एडेनोट ने मांसपेशियों और हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए व्यायाम की उन्नत तकनीकों पर काम किया।
हैथवे ने ‘मसल स्टिमुलेशन’ प्रयोग के तहत रक्त का नमूना लिया। इसके बाद उनके पैरों पर इलेक्ट्रोड लगाए गए, जिनसे विद्युत संकेत भेजकर मांसपेशियों को सक्रिय किया गया। यह प्रयोग यह समझने में मदद करेगा कि लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने के दौरान मांसपेशियों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को किस तरह कम किया जा सकता है।
एडेनोट ने इलेक्ट्रोड से युक्त ‘ईजीमोशन-2’ सूट पहना। इसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के ट्रेडमिल पर दौड़ लगाई। सूट के इलेक्ट्रोड मांसपेशियों में संकुचन पैदा करते हैं। नासा को उम्मीद है कि इस शोध से अंतरिक्ष यात्रियों के लिए अधिक प्रभावी व्यायाम प्रणाली विकसित करने और पृथ्वी पर लौटने के बाद मांसपेशियों की तेजी से रिकवरी में मदद मिल सकती है।
श्वसन तंत्र और विकिरण पर भी अध्ययन
रूसी अंतरिक्ष यात्री आंद्रेई फेद्यायेव ने शुक्रवार को मानव श्वसन तंत्र पर सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण के प्रभावों से जुड़े अध्ययन में हिस्सा लिया। उन्होंने गले में एक ध्वनिक सेंसर लगाया, जिससे सांस छोड़ने के दौरान उत्पन्न ध्वनि और श्वसन संबंधी आंकड़े रिकॉर्ड किए गए।
उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन के नौका, ज्वेज्दा और जार्या मॉड्यूल में एकत्र किए गए विकिरण संबंधी आंकड़ों का भी दस्तावेजीकरण किया। इस तरह के अध्ययन लंबे समय तक अंतरिक्ष में रहने वाले मनुष्यों पर विकिरण और भारहीनता के प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण हैं।
पृथ्वी की तस्वीरें और स्टेशन का रखरखाव
अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी के अवलोकन से जुड़े उपकरणों पर भी काम किया। प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना ने स्वचालित पृथ्वी-अवलोकन उपकरण को हटाया, जो अंतरिक्ष यात्रियों के सोने के दौरान पृथ्वी की सतह पर मौजूद विभिन्न स्थानों की तस्वीरें ले रहा था।
दुब्रोव ने स्टेशन के नेटवर्क से जुड़े ईथरनेट केबल और कनेक्शनों की जांच की, जबकि किकिना ने रूसी हिस्से में रखे प्रयोगशाला उपकरणों की सूची तैयार की और उनकी तस्वीरें लीं।
इस प्रकार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बीता सप्ताह केवल आगामी स्पेसवॉक की तैयारी तक सीमित नहीं रहा। अंतरिक्ष यात्रियों ने संचार व्यवस्था को बेहतर बनाने, मानव शरीर को लंबे समय तक अंतरिक्ष में स्वस्थ रखने, श्वसन और विकिरण के प्रभावों को समझने तथा पृथ्वी के अवलोकन जैसे कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और तकनीकी कार्य भी पूरे किए।
