केंद्रीय विद्यालय के लिए सैन्य बाहुल्य सुमार सवाड़ के लोगों ने अपनी जमीनें सरकार के नाम करनी शुरु कर दी

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थराली से हरेंद्र बिष्ट

उत्तराखंड के सैन्य बाहुल्य गांवों में सुमार सवाड़ गांवों में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए ग्रामीणों ने अपनी नाप भूमि राज्य सरकार के नाम रजिस्ट्री करना शुरू कर दिया हैं। जिसे आने वाले समय में राज्य सरकार केवी संगठन को दे देगी, इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद जल्द ही सवाड़ में केवी की स्थापना शुरू होने की संभावना बढ़ गई हैं।
दरअसल पिछले कई सालों से सैन्य बाहुल्य गांव सवाड़ के पूर्व सैनिक एवं ग्रामीण गांव में केवी की स्थापना की मांग करते आ रहे हैं। इसके लिए बकायदा ग्रामीणों ने गांव के बीचों-बीच श्रमदान,चंदा इकट्ठा कर, एवं अन्य संसाधनों से बकायदा तीन साल पहले विद्यालय के संचालन के लिए 20 लाख रुपए से अधिक की लागत से अस्थाई टिनशेडों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया हैं। बावजूद इसके आज तक यहां केवी की कक्षाएं शुरू नही हो पा रही।केवी प्रशासन ने ग्रामीणों से गांव में केवी संगठन को भूमि उपलब्ध करवाने को कहा था। जिसे पहले राज्य सरकार के हक में दान देने की बात कही।जिस पर लंबी खानापूर्ति के बाद अब राज्य सरकार के नाम ग्रामीणों की नाप भूमि का पंजीकरण शुरू हो गया हैं। सोमवार को तहसील कार्यालय थराली में बकायदा 14 ग्रामीणों ने अपनी नाप राज्य सरकार के नाम दर्ज करने के लिए आवेदन किया हैं। जिस पर अधिकांश रजिस्ट्रीयां हो गई है। दूसरे दिन भी डेढ़ दर्जन ग्रामीणों ने अपनी भूमि दान देने के लिए आवश्यक दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा कर दिए हैं।
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पिछले एक दशक से सवाड़ के ग्रामीण गांवों में केवी की स्थापना की मांग करते आ रहे हैं। केवी की मांग पर गांवों में ग्रामीणों ने अपने संसाधनों से अस्थाई संचालन के लिए टिनशेड़ो के निर्माण के बाद अब केवी के लिए नाप भूमि की रजिस्ट्री करना शुरू कर दी है। एक सौ से अधिक भूमि धरियों के द्वारा 103 नाली भूमि केवी के लिए दान देने की सहमति दी हैं।जिस पर रजिस्ट्री की कार्रवाई शुरू कर दी हैं। ग्रामीणों की मांग है कि शिक्षासत्र 2023-24 से सवाड़ में केवी स्थापित कर कक्षाओं का संचालन शुरू कर दिया जाए।
आलम सिंह बिष्ट
अध्यक्ष अमर सैनिक
शहीद मेला सवाड़।
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राज्य सरकार के नाम भूमि दर्ज होने के बाद राज्य सरकार इस भूमि को केवी संगठन के नाम करेगी,यही नियम है केवी संगठन सीधे भूमि को नही लेता है। भूमि की रजिस्ट्री की प्रक्रिया गतिमान है।पूरी भूमि की रजिस्ट्री हो जाने के बाद राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मास्टर आदर्श बीओ
थराली-देवाल
एवं जिला प्रशासन द्वारा
रजिस्ट्री के लिए नामित
अधिकारी

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