उत्तराखंड के कुछ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा
हरिद्वार, पौड़ी, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, आठ जिलों में अचानक बाढ़ का भी जोखिम
देहरादून, 27 अगस्त। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तीखे तेवर दिखा सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने गुरुवार को हरिद्वार, पौड़ी, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर आने की भी आशंका है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पिथौरागढ़, नैनीताल, बागेश्वर और चमोली जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। शेष जिलों में गरज, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
शुक्रवार 28 अगस्त को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका है। 29 अगस्त को पर्वतीय जिलों के साथ ऊधमसिंह नगर में भी ऐसा मौसम रह सकता है। 30 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश तथा 31 अगस्त को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने भारी बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कों और राजमार्गों के अवरुद्ध होने तथा नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका जताई है। निचले क्षेत्रों में जलभराव और अचानक बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।
विशेष रूप से रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, अल्मोड़ा, चम्पावत और बागेश्वर के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में 28 अगस्त पूर्वाह्न तक अचानक बाढ़ का कम से मध्यम जोखिम बताया गया है। मौसम विभाग ने चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने, भूस्खलन संभावित ढलानों से दूर रहने तथा नदी-नालों और निचले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
