पोखरी-हापला-गोपेश्वर मोटर मार्ग बदहाल, गहरे गड्ढों में तब्दील
जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी से शीघ्र मरम्मत व डामरीकरण की मांग की
पोखरी, 29 जून (राजेश्वरी राणा)। क्षेत्र की लाइफ लाइन माने जाने वाले पोखरी-हापला-गोपेश्वर मोटर मार्ग की हालत इन दिनों अत्यंत दयनीय हो गई है। विभागीय लापरवाही और बजट के अभाव में यह महत्वपूर्ण मार्ग जगह-जगह गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुका है। करीब 60 से अधिक ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले इस मार्ग पर प्रतिदिन हजारों लोग जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
संयुक्त उत्तर प्रदेश के समय तत्कालीन पर्वतीय विकास मंत्री एवं जौरासी निवासी स्वर्गीय नरेंद्र सिंह भंडारी के प्रयासों से वर्ष 1975-76 में इस मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। उस समय यह सड़क रुद्रप्रयाग, पोखरी, हापला और गोपेश्वर क्षेत्र की अनेक ग्राम पंचायतों के विकास की मुख्य धुरी बनी थी। यद्यपि बाद के वर्षों में क्षेत्र में कई नई सड़कें बनी हैं, फिर भी आज भी यह मार्ग हजारों लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग बना हुआ है।
वर्तमान में पोखरी से हापला होते हुए दैवखाल तक सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। अधिकांश स्थानों पर डामर उखड़ चुका है और सड़क गहरे गड्ढों में बदल गई है। कई स्थानों पर सुरक्षा पुस्ते क्षतिग्रस्त हैं, जबकि वर्षा जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बरसाती पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे सड़क का लगातार कटाव हो रहा है। सड़क किनारे उगी घनी झाड़ियों के कारण मोड़ों पर सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया है।
मार्ग की बदहाल स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत, डामरीकरण, जल निकासी की समुचित व्यवस्था तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराने की मांग की है।
ज्ञापन पर किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, पूर्व प्रधान मधुसूदन किमोठी, काणडेई-चंद्रशिला के प्रधान भगत सिंह भंडारी, पूर्व प्रधान नवीन राणा, क्षेत्र पंचायत सदस्य चंद्रकला देवी, दिनेश रड़वाल, त्रिशूला के प्रधान विक्रम सिंह नेगी, पूर्व प्रधान कमला देवी, अधिवक्ता देवेंद्र सिंह राणा, तोणजी की प्रधान राजेश्वरी देवी, पूर्व प्रधान मुकेश नेगी तथा कांग्रेस युवा प्रकोष्ठ बदरीनाथ विधानसभा अध्यक्ष मयंक नेगी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों के हस्ताक्षर हैं।
जनप्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से जनहित में तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर क्षेत्र की जनता को सुरक्षित और सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
