पर्यावरण

बुग्यालों को प्लास्टिक मुक्त रखने का लिया संकल्प

 

पांच दिवसीय बुग्याल बचाओ अभियान में ग्रामीणों और पशुपालकों से संवाद


त्रिजुगीनारायण, 11 सितंबर। बुग्यालों के संरक्षण के संकल्प के साथ सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र, गोपेश्वर की ओर से चलाए जा रहे पांच दिवसीय ‘बुग्याल बचाओ’ जनजागरण एवं अध्ययन अभियान के तहत त्रिजुगीनारायण गांव में गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें बुग्यालों में रह रहे भेड़पालकों, पशुचारकों और आसपास के ग्रामीणों के साथ बुग्यालों के संरक्षण और उनसे जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श किया गया। अभियान दल में सामाजिक कार्यकर्ता, वनविद, पत्रकार तथा केदारनाथ वन्यजीव वन प्रभाग और टिहरी वन प्रभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहे।


वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान के नेतृत्व में चल रहे अभियान के तहत आयोजित गोष्ठी की अध्यक्षता क्षेत्र पंचायत सदस्य सुमन तिवारी ने की। गोष्ठी में हिमालयी बुग्यालों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने का संकल्प लिया गया। सुमन तिवारी ने कहा कि सरकारों का काम करने का अपना नजरिया होता है, लेकिन हिमालय क्षेत्र के संरक्षण की दिशा में कई संस्थाओं ने उल्लेखनीय कार्य किया है।


सामाजिक कार्यकर्ता दर्शन लाल गैरोला ने कहा कि बुग्यालों का रोजगार के लिए समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। जंगलों और बुग्यालों में भेड़-बकरियों की संख्या कम होने का दुष्प्रभाव भी दिखाई दे रहा है। उन्होंने घुत्तू-पंवालीकांठा होते हुए त्रिजुगीनारायण तक 36 किमी पैदल मार्ग के आसपास मोटर मार्ग विकसित करने का समर्थन करते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

महेंद्र प्रसाद सेमवाल ने कहा कि बुग्यालों में न तो पशुओं की अधिकता है और न ही लोगों की अत्यधिक आवाजाही, इसके बावजूद बुग्याल धीरे-धीरे सिमट रहे हैं। ग्रामीण मीनाक्षी प्रसाद घिल्ड़ियाल ने बुग्यालों के आसपास स्थित दर्शनीय स्थलों का समुचित विकास नहीं होने पर चिंता जताई। उन्होंने देवनी बुग्याल और कृष्ण सरोवर को विकसित करने की जरूरत बताई।
भक्ति दर्शन सेमवाल ने हिमरेखा के लगातार सिकुड़ने पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने यात्राओं के लिए पारंपरिक पैदल मार्गों को विकसित करने पर जोर दिया।

सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के ट्रस्टी ओम प्रकाश भट्ट ने पंवाली बुग्याल की स्थिति को चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी सतत नीतियां बनाई जानी चाहिए।

वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पंत ने पर्यटकों से हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा के दौरान प्लास्टिक की वस्तुओं का उपयोग न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पर्यटक को अपने साथ कचरा रखने के लिए एक खाली बैग रखना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार का कचरा बुग्यालों में न छोड़ा जाए। बुग्यालों में फेंका गया कचरा उनके पर्यावरण के लिए घातक है।

गोष्ठी का संचालन सर्वोदय कार्यकर्ता विनय सेमवाल ने किया। डिप्टी रेंजर गजेंद्र सिंह सजवान और सुशील भट्ट सहित अन्य लोगों ने भी विचार रखे। गोष्ठी के बाद पदयात्रा दल पंवालीकांठा बुग्याल की ओर रवाना हो गया।

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