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‘अवैध रूप से बच्चों को गोद लेने को कहें ना’: दिल्ली में बाल सुरक्षा और कानूनी एडॉप्शन पर मंथन

नयी दिल्ली, 11  सितम्बर (PIB)।  अवैध रूप से बच्चों को गोद लेने (Illegal Adoption) की प्रथा पर रोक लगाने और कानूनी प्रक्रिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली के दिल्ली सचिवालय में एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (सीएआरए- CARA), दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग और ‘स्टेट एडॉप्शन रिसोर्स एजेंसी’ (SARA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की थीम “कानूनी तरीके से गोद लेना। सुरक्षित बचपन। सुरक्षित भविष्य। गैर-कानूनी गोद लेने को ना कहें” रखी गई।

‘राष्ट्रीय गोद ग्रहण जागरूकता माह-2026’ के तहत आयोजित इस कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग, पुलिस, बाल कल्याण समिति (CWC), जिला बाल संरक्षण इकाईयों और जमीनी स्तर की आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित लगभग 200 हितधारकों ने हिस्सा लिया।

शॉर्टकट से छिनते हैं बच्चे के कानूनी अधिकार कार्यशाला को संबोधित करते हुए सीएआरए (CARA) की सीईओ भावना सक्सेना ने स्पष्ट किया कि बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया में कोई ‘शॉर्टकट’ नहीं हो सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध तरीके से गोद लेना न सिर्फ ‘किशोर न्याय अधिनियम, 2015’ (JJ Act) का सीधा उल्लंघन है, बल्कि इससे बच्चा अपनी कानूनी सुरक्षा और अधिकारों से वंचित हो जाता है। वहीं, दिल्ली सरकार की महिला एवं बाल विकास सचिव रश्मि सिंह ने कहा कि बाल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल, पुलिस से लेकर जमीनी स्तर की एएनएम (ANM) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है।

अस्पतालों और पुलिस की भूमिका पर मंथन कार्यक्रम के दौरान तीन विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इनमें अवैध गोद लेने के उभरते चलन, चुनौतियों और इसे रोकने में नर्सिंग होम, स्वास्थ्य प्रणाली और पुलिस की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यशाला के दौरान कानूनी प्रक्रिया का महत्व समझाने के लिए एक ‘फिक्शन फिल्म’ भी लॉन्च की गई। इसके अलावा, जिला बाल संरक्षण अधिकारी (DCPO) अरुण शर्मा ने अवैध गोद लेने के संदिग्ध मामलों से निपटने और समय पर कार्रवाई करने के अपने जमीनी अनुभव साझा किए।

कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की अपर सीपी मोनिका भारद्वाज, डीसीपीसीआर अध्यक्ष ओ.पी. व्यास और आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के सीएमओ डॉ. अनिल यादव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के अंत में डीएमआरसी सलाम बालक ट्रस्ट के कलाकारों ने बाल अधिकारों और सुरक्षा पर आधारित एक नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन एक इंटरैक्टिव क्विज के साथ हुआ, जिसमें हितधारकों को बाल सुरक्षा के कानूनी नियमों के प्रति जागरूक किया गया।

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