संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित जनसंवाद को मजबूत करेगा कांग्रेस विचार विभाग
देहरादून, 30 जून। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विचार विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैप्टेन प्रवीण डागर ने कहा कि वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों में कांग्रेस की मूल विचारधारा—समता, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, राष्ट्रीय एकता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता—की प्रासंगिकता पहले से अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग की जिम्मेदारी केवल संगठन के भीतर वैचारिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में लोकतांत्रिक चेतना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना भी है।
वे मंगलवार को राजीव भवन, देहरादून में उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग (बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ) की ओर से आयोजित “विचार से परिवर्तन–संविधान से राष्ट्र निर्माण” विषयक वैचारिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में देश और उत्तराखण्ड की राजनीतिक, सामाजिक तथा आर्थिक परिस्थितियों के संदर्भ में कांग्रेस की वैचारिक भूमिका और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप जोशी ने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि उत्तराखण्ड आज बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरणीय संकट और पर्वतीय अर्थव्यवस्था जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि विचार विभाग का उद्देश्य केवल राजनीतिक घटनाओं पर प्रतिक्रिया देना नहीं, बल्कि जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों पर तथ्यपरक, संवेदनशील और समाधान-आधारित वैचारिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना है।
बैठक के संयोजक डॉ. प्रेम बहुखण्डी ने स्वागत भाषण में कहा कि देश वैचारिक और लोकतांत्रिक चुनौतियों के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने बताया कि बैठक में युवाओं, महिलाओं, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक संगठनों के साथ सतत संवाद स्थापित करने, सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मक वैचारिक अभियान चलाने तथा उत्तराखण्ड के प्रमुख मुद्दों—पलायन, रोजगार, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत—पर एक व्यापक वैचारिक दस्तावेज तैयार करने पर विचार किया गया।
बैठक में वरिष्ठ शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और कांग्रेस पदाधिकारियों ने भी अपने सुझाव दिए तथा विचार विभाग को अध्ययन, शोध, जनसंवाद और नीति-आधारित विमर्श का प्रभावी मंच बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में डॉ. अजय सक्सेना, डॉ. के.आर. जैन, डॉ. डी.एन. भटकोटी, डॉ. प्रतिमा सिंह, जया शुक्ला, अंजू बडोला, मंजू त्रिपाठी, देवेंद्र सिंह, आर.पी. ध्यानी, सुजाता पॉल और अवधेश पंत सहित अनेक बुद्धिजीवी उपस्थित रहे। अंत में डॉ. परितोष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस विचार विभाग संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के पक्ष में नियमित वैचारिक संवाद एवं जनजागरण अभियान संचालित करेगा।
