पहली मूसलाधार बारिश में गौचर की जल निकासी व्यवस्था ध्वस्त, दुकानों में घुसा गंदा पानी
गौचर, 26 जून (गुसाई)। क्षेत्र में मानसून की पहली मूसलाधार बारिश ने जल निकासी व्यवस्था और प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। मुख्य बाजार में कई स्थानों पर नालियां जाम होने से गंदा पानी दुकानों में घुस गया, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
बृहस्पतिवार देर रात लगभग दो बजे तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश के दौरान ग्रेफ चौक से रामलीला मैदान तक नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर कई दुकानों में भर गया। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर सामान रखकर किए गए अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी बाधित हुई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।
व्यापारियों का कहना है कि वर्षों से एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) द्वारा मुख्य बाजार में एक ओर की नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है। इसका खामियाजा हर बरसात में व्यापारियों को भुगतना पड़ता है। उनका आरोप है कि बारिश के दौरान शिकायतें मिलने पर अधिकारी मौके पर पहुंचकर केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन बरसात समाप्त होते ही मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। यह स्थिति पिछले कई वर्षों से बनी हुई है.
नगर पालिका पर भी अधूरी नालियों के निर्माण और नियमित सफाई नहीं कराने के आरोप लगाए जा रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों का निर्माण और सफाई कराई जाती तो नुकसान से बचा जा सकता था।
उधर, गौचर को दशजूला क्षेत्र से जोड़ने वाले पैदल मार्ग पर नैल तोक में सदियों पुराना बरगद का पेड़ उखड़कर गिर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गौचर मुख्य बाजार स्थित काली कम्बली धर्मशाला की छत की टिन की चादरें भी तेज हवा में उड़ गईं।
व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल ने बताया कि पूरे मामले से नगर पालिका को अवगत करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि एनएचआईडीसीएल से अब व्यापारियों की उम्मीद लगभग समाप्त हो चुकी है। उन्होंने नगर पालिका से ग्रेफ चौक से रामलीला मैदान तक शीघ्र प्रभाव से सुदृढ़ नाली निर्माण कराने तथा जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
