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पर्यटन मंत्रालय ने उत्तराखंड की पांच परियोजनाओं को दी 129 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी

The Ministry of Tourism has sanctioned a massive package of 117 tourism infrastructure projects worth ₹5,756.62 crore across India, with specific regional allocations including ₹129.56 crore explicitly under the PRASHAD scheme for the development of Gangotri, Yamunotri, Kedarnath, and Badrinath. 

ऋषिकेश राफ्टिंग बेस स्टेशन, कैंचीधाम, जादुंग, माणा और चकराता में पर्यटन ढांचे का होगा विस्तार

नई दिल्ली/देहरादून, 21 जुलाई ।। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में पर्यटन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पिछले दो वर्षों में विभिन्न योजनाओं के तहत 129.28 करोड़ रुपये से अधिक की पांच महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें ऋषिकेश में 100 करोड़ रुपये की आइकॉनिक राफ्टिंग बेस स्टेशन परियोजना सबसे बड़ी है। इसके अलावा कैंचीधाम, सीमांत गांव जादुंग, माणा तथा चकराता क्षेत्र में भी पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।

पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार उत्तराखंड को चुनौती आधारित गंतव्य विकास योजना के तहत जादुंग उत्सव मैदान के विकास के लिए 4.99 करोड़ रुपये, कैंचीधाम परिसर के विकास के लिए 17.60 करोड़ रुपये तथा सीमांत गांव माणा में ‘माणा हाट’ विकसित करने के लिए 4.99 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आध्यात्मिक पर्यटन, सीमांत पर्यटन और ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम को बढ़ावा देना है।

इसके अतिरिक्त स्वदेश दर्शन 2.0 की उप-योजना ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जुगा)’ के अंतर्गत चकराता क्लस्टर में जनजातीय होमस्टे विकसित करने के लिए 1.70 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे स्थानीय ग्रामीणों को पर्यटन आधारित आजीविका के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

सबसे बड़ी परियोजना राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत स्वीकृत हुई है। इसके अंतर्गत ऋषिकेश को ‘आइकॉनिक सिटी’ के रूप में विकसित करने तथा विश्वस्तरीय राफ्टिंग बेस स्टेशन स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह परियोजना साहसिक पर्यटन को नई पहचान देने के साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि केंद्र सरकार पर्यटन अवसंरचना, डिजिटल प्रचार, आध्यात्मिक, साहसिक, ग्रामीण, जनजातीय और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करा रही है।

दो वर्षों में पर्यटन विकास की 117 परियोजनाओं को 5,756 करोड़ रुपये की मंजूरी

स्वदेश दर्शन, प्रसाद और अन्य योजनाओं से देशभर में पर्यटन अवसंरचना को मिलेगा बल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पिछले दो वर्षों में देशभर में पर्यटन अवसंरचना के विकास के लिए 5,756.62 करोड़ रुपये की लागत वाली 117 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पर्यटन मंत्रालय ने स्वदेश दर्शन 2.0, चुनौती आधारित गंतव्य विकास, प्रसाद, केंद्रीय एजेंसियों को सहायता, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता जैसी योजनाओं के तहत इन परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है।

पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि सरकार पर्यटन को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रमुख आधार बनाने के उद्देश्य से बुनियादी ढांचे का विस्तार कर रही है। पिछले दो वर्षों में स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 1,565.62 करोड़ रुपये, चुनौती आधारित गंतव्य विकास योजना के तहत 687.99 करोड़ रुपये, प्रसाद योजना के तहत 172.27 करोड़ रुपये, केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से 17.46 करोड़ रुपये, जनजातीय होमस्टे योजना के तहत 17.52 करोड़ रुपये तथा राज्यों को पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत 3,295.76 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।

मंत्रालय ने बताया कि सितंबर 2024 में शुरू किए गए ‘इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से पर्यटकों को एक ही मंच पर यात्रा, होटल, परिवहन और स्मारकों की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही ई-वीजा सुविधा का विस्तार 174 देशों तक किया गया है और 24 घंटे बहुभाषी पर्यटक हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही है।

सरकार आध्यात्मिक, साहसिक, ग्रामीण, जनजातीय, मेडिकल, वेलनेस, एमआईसीई, विवाह तथा विरासत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय नीतियां लागू कर रही है। ‘मीट इन इंडिया’ और ‘इंडिया सेज़ आई डू’ जैसे अभियान भी इसी रणनीति का हिस्सा हैं।

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