खतरनाक चीड़ के पेड़ों को हटाने की मांग, आंदोलन की चेतावनी

थराली, 28 जुलाई (हरेन्द्र बिष्ट)। नगर पंचायत थराली के वार्ड संख्या-4 स्थित ऊंग तोक के ग्रामीणों ने आने-जाने के मार्ग पर खतरनाक स्थिति में खड़े चीड़ के पेड़ों को तत्काल काटने की मांग वन विभाग से की है। उनका कहना है कि ये पेड़ राहगीरों के लिए लगातार हादसे का खतरा बने हुए हैं।
ग्रामीणों मदन सिंह, जय सिंह, विनोद सिंह, जगमोहन सिंह, अब्बल सिंह, सुनीता देवी और गंगा देवी सहित अन्य लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष 22 अगस्त को हुई अतिवृष्टि के दौरान ऊंग तोक से थराली बाजार को जोड़ने वाले मार्ग पर भारी भूस्खलन हुआ था। इसके बाद कई चीड़ के पेड़ झुककर और लटककर खतरनाक स्थिति में आ गए, जो आज भी वहीं मौजूद हैं।
ग्रामीणों के अनुसार ऊंग तोक में लगभग 25 परिवार निवास करते हैं और थराली बाजार आने-जाने के लिए यही एकमात्र रास्ता है। इसी मार्ग से स्कूली छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग और अन्य लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। बरसात और तेज हवा के दौरान लटके हुए पेड़ों के कारण लोगों में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। कई बार खराब मौसम में छात्र-छात्राएं स्कूल और कॉलेज तक नहीं पहुंच पाते।
ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांग पर बदरीनाथ वन प्रभाग, गोपेश्वर के अंतर्गत मध्य पिंडर रेंज, थराली द्वारा निरीक्षण कर 14 खतरनाक चीड़ के पेड़ों का चिन्हीकरण भी किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें नहीं काटा गया है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चिन्हित पेड़ों को तत्काल हटाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
