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बुग्यालों में रात्रि विश्राम पर रोक हटने से स्थानीय ग्रामीणों की खिली बांछें

हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 29 जुलाई। बुग्याली क्षेत्रों में रात्रि प्रवास पर हाईकोर्ट नैनीताल द्वारा लगाई गई रोक को सुप्रीमकोर्ट के द्वारा हटा दिया हैं।इस आदेश के बाद उत्तराखंड के उच्च हिमालई क्षेत्रों के नजदीक बसें गांवों के ग्रामीणों की बांछे खिल गई हैं। अब उत्तराखंड में ट्रेकिंग की संभावना काफी अधिक बढ़ गई हैं।रात्रि प्रवास, 1 दिन में 200 ट्रेकरों के ही बुग्यालों में प्रवेश के प्रतिबंध को हटाएं जाने के निर्देश पर बद्रीनाथ वनप्रभाग गोपेश्वर ने अपने अधिनस्थ वन क्षेत्राधिकारी को दिशा निर्देश जारी किए हैं। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों ने सुप्रीमकोर्ट के आदेशों पर खुशी जाहिर की हैं।

दरसअल आली, वेदनी,बगजी बुग्याल संरक्षण समिति लौहाजंग देवाल ने नैनीताल उच्च न्यायालय में 2014 में एक जनहित याचिका दायर की थी,जिस पर हाईकोर्ट नैनीताल ने 21 अगस्त 2018 में एक आदेश जारी किया, जिसमें पर्यटकों के बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक लगा दी, बुग्यालों में घूमने जाने वाले पर्यटकों की संख्या 200 प्रति दिन करने के साथ ही बुग्यालों को राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य घोषित करने की कार्रवाई के निर्देश पारित किए गए। हाईकोर्ट के आदेशों के बाद उत्तराखंड के बुग्यालों में ट्रेकरों का रात्रि विश्राम पूरी तरह ठप हो गया।इस आदेश का सर्वाधिक असर चमोली जिले के पिंडर घाटी के विश्व प्रसिद्ध रहस्यमयी “रूपकुंड” सहासिक ट्रेक पर पड़ा। आदेश के बाद सैकड़ों पर्यटन व्यवसायियों का कारोबार चौपट हो कर रह गया।

जनता की मांग पर उत्तराखंड सरकार ने 2019 में उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली में एक विशेष अनुमति याचिका दाखिल की जिस पर हाईकोर्ट के द्वारा जारी आदेशों को हटाने की मांग की गई थी।इस याचिका पर इसी माह 20 जुलाई को सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट नैनीताल के बुग्यालों में रात्रि विश्राम के साथ ही प्रति दिन 200 पर्यटकों के ही एक बुग्याल में प्रवेश के आदेश को निरस्त कर दिया हैं,अब पर्यटक कितनी भी संख्या में बुग्यालों में जा कर बुग्यालों में ही रात्रि प्रवास कर सकते हैं।
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सुप्रीमकोर्ट का फैसला आने के बाद बद्रीनाथ वनप्रभाग गोपेश्वर के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश कुमार ने 27 जुलाई को अपने अधिनस्थ वन क्षेत्राधिकारियों को पत्र जारी कर सुप्रीमकोर्ट के आदेशों का अनुपालन करने के निर्देश जारी किए हैं।
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नैनीताल हाईकोर्ट के द्वारा बुग्यालों में रात्रि प्रवास पर रोक एवं संख्या समिति किए जाने के आदेश को सुप्रीमकोर्ट के द्वारा पलट दिए जाने पर बुग्यालों में रात्रि प्रवास की रोक हटाने के लिए संघर्षरत रूपकुंड पर्यटन विकास संघर्ष समिति लोहाजंग -देवाल के अध्यक्ष इंद्र सिंह राणा, उपाध्यक्ष राजू शाह, त्रिलोक सिंह बिष्ट, महासचिव हीरा सिंह रूपकुंड़ी, सचिव बख्तावर सिंह खुराना, कोषाध्यक्ष भुवन बिष्ट, गब्बर सिंह,लाटू टैक्सी यूनियन वांण के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट, वांण के हीरा सिंह बुग्याली, गंगा सिंह पटवाल,देवाल के प्रमुख तेजपाल रावत, जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट,आदि ने सुप्रीमकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे रूपकुंड, वेदनी,आली आदि बुग्यालों में निश्चित ही पर्यटकों की आमद बढ़ेगी।

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