ढाई लाख विद्यार्थियों ने बताया, कैसा हो उनका उत्तराखंड
24 अगस्त तक जमा होंगे निबंध, 140 श्रेष्ठ विचारों का होगा चयन

देहरादून, 22 अगस्त। उत्तराखंड को लेकर सरकार की योजनाओं और राजनीतिक बहसों से अलग अब प्रदेश की नई पीढ़ी अपने शब्दों में बता रही है कि वह आने वाले वर्षों में अपने राज्य को कैसा देखना चाहती है। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत अब तक 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने निबंध और सुझाव पोर्टल पर जमा किए हैं। अभियान में सरकारी और निजी विद्यालयों के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की भागीदारी हो रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को प्रदेश के करीब तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद के दौरान उन्हें अपने सपनों के उत्तराखंड की तस्वीर सामने रखने के लिए आमंत्रित किया था। इसके बाद विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन एवं पर्यावरण, सामाजिक विकास और तकनीक समेत आठ प्रमुख विषयों पर अपने विचार साझा किए।
इस अभियान की खास बात यह है कि विद्यार्थियों से केवल औपचारिक निबंध नहीं मांगे गए हैं, बल्कि उनसे अपने आसपास की समस्याओं और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर सुझाव देने को कहा गया है। ऐसे में इन प्रविष्टियों में रोजगार के अवसर, पहाड़ों से पलायन, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और तकनीकी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर नई पीढ़ी की प्राथमिकताएं सामने आने की संभावना है।
सरकार के अनुसार विद्यार्थियों से प्राप्त सुझावों में से 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचारों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री भी इन विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे। श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग के साथ अन्य पुरस्कार दिए जाने की व्यवस्था भी की गई है।
अभियान में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र भी दिया जा रहा है। पर्वतीय और मैदानी जिलों के साथ ही सरकारी तथा निजी विद्यालयों की भागीदारी से अभियान का दायरा व्यापक हुआ है।
अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल के अनुसार, इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी के रूप में देखने के बजाय उन्हें राज्य के विकास और नीति निर्माण से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। निबंध और सुझाव जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है।
मुख्यमंत्री धामी अभियान की प्रगति की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि विद्यार्थियों के उपयोगी और व्यावहारिक सुझावों को राज्य की नीतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के विचार केवल भविष्य के उत्तराखंड की तस्वीर नहीं बताते, बल्कि वर्तमान की विकास दिशा को भी प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के अच्छे और व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा और उन्हें ‘विकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना में सहभागी बनाया जाएगा।
