ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचा राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी का प्रवेश जागरूकता अभियान
पोखरी, 11 मई (राणा)। उच्च शिक्षा के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को जागरूक करने तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत सुविधाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजकीय महाविद्यालय नागनाथ पोखरी का प्रवेश प्रचार-प्रसार अभियान अब गांव स्तर तक पहुंच गया है। अभियान के द्वितीय चरण में महाविद्यालय के प्राध्यापक गांव-गांव जाकर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से सीधे संवाद कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. डॉ. रीटा शर्मा के नेतृत्व में संचालित इस अभियान को क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। प्राचार्य डॉ. रीटा शर्मा ने बताया कि पिछले 25 वर्षों में महाविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता, संसाधनों और सुविधाओं के स्तर पर व्यापक सुधार हुए हैं, लेकिन दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक अभिभावकों और विद्यार्थियों तक इन उपलब्धियों की समुचित जानकारी नहीं पहुंच पाई है। इसी को ध्यान में रखते हुए महाविद्यालय प्रशासन ने व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान शुरू किया है।
उन्होंने बताया कि महाविद्यालय में अनुभवी एवं योग्य प्राध्यापकों की उपलब्धता, आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित प्रयोगशालाएं, समृद्ध पुस्तकालय, डिजिटल लाइब्रेरी, छात्रवृत्ति योजनाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तथा कैरियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को इन सुविधाओं का लाभ दिलाना और उन्हें उच्च शिक्षा से जोड़ना है।
अभियान के मुख्य संयोजक डॉ. राजेश भट्ट ने बताया कि अभियान को दस दिनों से अधिक समय हो चुका है। प्रथम चरण में महाविद्यालय के आसपास स्थित 18 इंटर कॉलेजों में पहुंचकर विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की जानकारी दी गई थी। अब दूसरे चरण में विभिन्न गांवों में जाकर छात्रों और अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया, समर्थ पोर्टल पंजीकरण, छात्रवृत्तियों, रोजगारपरक पाठ्यक्रमों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपलब्ध मार्गदर्शन की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि अभियान के लिए पांच अलग-अलग दल गठित किए गए हैं, जो प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं। प्रथम दल के संयोजक डॉ. प्रवीण मैठाणी के नेतृत्व में थाला, चन्द्रनगर, टैगोर चिल्ड्रन अकादमी तथा कनकचौरी क्षेत्र में प्रचार-प्रसार किया गया। इस दल में डॉ. केवलानन्द, डॉ. अनुपम रावत, श्री चन्दन और श्री चन्द्रेश शामिल रहे।
दूसरे दल के संयोजक डॉ. जगजीत सिंह के नेतृत्व में देवीखेत, काफलपानी, सोडा मंगरा, त्रिशूला, मल्ला बीणा, तल्ला बीणा, आली, सतूड़, काण्डई, नैल, सांकरी और सैम गांवों में संपर्क अभियान चलाया गया। इस दौरान डॉ. अंशु सिंह, डॉ. किरन चौहान, डॉ. आरती रावत तथा श्री दिनेश नेगी ने भी सहभागिता की।
तृतीय दल के संयोजक डॉ. रामानन्द उनियाल ने अपने दल के साथ भिकौना, चांदनीखाल, हापला और बंगथल गांवों में भ्रमण कर छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय की सुविधाओं से अवगत कराया। इस दल में डॉ. कंचन सहगल और डॉ. कीर्ति गिल भी शामिल रहीं।
चतुर्थ दल की संयोजक डॉ. रेनु सनवाल ने बताया कि उनके दल ने पोगठा और देवीसैण गांवों में पहुंचकर छात्राओं एवं अभिभावकों से संवाद स्थापित किया। उनके साथ डॉ. श्वेता रावत और श्रीमती ललिता कण्डारी उपस्थित रहीं।
पंचम दल के संयोजक डॉ. आयुष बर्वाल के नेतृत्व में सरमौला, खाल, बिनगढ़, उमेडा, कर्चुना, बमौथ और सूगी गांवों में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान डॉ. शशि चौहान और डॉ. शाजिया सिद्दीकी ने भी छात्रों को उच्च शिक्षा के महत्व की जानकारी दी।
महाविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुविधा के लिए समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण व्यवस्था भी सुचारु की है। इस कार्य में श्री विमल और श्री शिवा कुंवर सहयोग कर रहे हैं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले छात्र-छात्राओं को प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। अभियान का संपूर्ण रोडमैप वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार जुयाल और डॉ. नन्द किशोर चमोला द्वारा तैयार किया गया है।
महाविद्यालय प्रशासन को उम्मीद है कि इस व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकाधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ेंगे और आगामी सत्र में प्रवेश संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
