126 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव बना नागनाथ इंटर कॉलेज का वार्षिकोत्सव
छात्र छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

पोखरी, 26 मई (राणा)। शिक्षा, संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं के अद्भुत संगम के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज नागनाथ का 126वां वार्षिकोत्सव एवं पूर्व छात्र सम्मान समारोह रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य रूप से सम्पन्न हो गया। वर्ष 1901 में अंग्रेजी शासनकाल के दौरान वर्नाक्यूलर मिडिल स्कूल के रूप में स्थापित यह शिक्षण संस्थान आज भी पूरे गढ़वाल क्षेत्र में शिक्षा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। समारोह में पूर्व छात्रों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी भागीदारी रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला, दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. हरेंद्र असवाल तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कैलाश भट्ट ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने “मां सरस्वती शारदे” की मनमोहक सरस्वती वंदना तथा “शुभ स्वागतम” स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।

विद्यालय परिसर दिनभर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। छात्र-छात्राओं ने लोकगीतों, समूह नृत्यों और देशभक्ति आधारित प्रस्तुतियों से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। “जग की घड़ी की तज जिंदगी है ठोकरें मार दो” तथा “चल मेरी सरुली” जैसे गीतों पर प्रस्तुत प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं। वहीं प्रसिद्ध लोकगायक शशिभूषण त्रिपाठी ने “पंच बद्री, पंच केदार, मेरा मुल्क नागनाथ पोखरी” गीत प्रस्तुत कर पूरे वातावरण को उत्तराखंडी संस्कृति के रंग में रंग दिया।

मुख्य अतिथि विधायक लखपत सिंह बुटोला ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा मजबूत करने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में देश की साक्षरता दर मात्र 13 प्रतिशत थी, लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने देश को वैज्ञानिक दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ाया और अनेक वैज्ञानिक संस्थानों की स्थापना की। उन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज भारतीय वैज्ञानिक विश्व स्तर पर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए कहा कि चीन भारत के बाद स्वतंत्र हुआ, लेकिन आज वह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यदि भारत को अमेरिका, चीन और ब्रिटेन जैसे देशों की बराबरी करनी है तो बच्चों को आधुनिक और वैज्ञानिक शिक्षा से जोड़ना होगा। विधायक ने विद्यालय परिसर में टाइल्स लगाने के लिए दो लाख रुपये तथा कॉलेज गेट के पुनर्निर्माण हेतु विधायक निधि से अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा भी की।

विशिष्ट अतिथि डॉ. हरेंद्र असवाल ने कहा कि बदलते समय में प्रतिस्पर्धा का सामना करने के लिए बच्चों का आधार मजबूत होना अत्यंत आवश्यक है। मजबूत बुनियाद के बिना कोई भी छात्र आगे नहीं बढ़ सकता। वहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कैलाश भट्ट ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है, लेकिन हमारी पारंपरिक खेती और ग्रामीण संस्कृति धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है। वैज्ञानिक सोच अपनाकर ही मजबूत समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है।
समारोह में विद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में डॉ. हरेंद्र असवाल, डॉ. कैलाश भट्ट, गजेन्द्र दीवाना, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य कुँवर सिंह चौधरी, अवकाश प्राप्त प्रधानाचार्य कुँवर सिंह रावत, टीपी सती, गजेन्द्र दीवान, धीरेन्द्र रावत, यशवंत सिंह राणा, भानु प्रकाश नेगी, नीरज कंडारी, रमेश चौधरी, महिपाल सिंह रावत, शशिभूषण त्रिपाठी, जितेन्द्र सती, रमेश चंद्र चमोला, महेश किमोठी तथा मातबर रावत सहित अनेक पूर्व छात्र शामिल रहे।
इसके अलावा सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं कुमारी खुशी, आशीष, माही, कुमारी तनीशा और शिवम को विधायक लखपत सिंह बुटोला तथा विद्यालय के प्रधानाचार्य जी.एल. सैलानी ने शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य कुँवर सिंह चौधरी, पूर्व प्रधानाचार्य कुँवर सिंह रावत, टीपी सती, प्रमुख राजी देवी, पूर्व प्रमुख प्रीति भंडारी, पूर्व प्रमुख बिनीता देवी, मंदोदरी पंत, पीटीए अध्यक्ष रमेश चौधरी, अनूप रावत, धीरेन्द्र रावत, कपिल देव परमार, ममता टम्टा, ऋतु गौड़, पुष्पा उनियाल, चंद्रावती, सविता पुरोहित, दिनेश सती, राजकीय शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष महावीर जग्गी, ब्लॉक मंत्री संदीप नेगी, प्राथमिक शिक्षक संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष ताजबर राणा, डॉ. बृजेंद्र कठैत, विधायक प्रतिनिधि धीरेन्द्र राणा, योगेन्द्र बर्तवाल, जितेंद्र सती, गम्भीर लाल, नारायण नेगी और लखपत राणा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, पूर्व छात्र, जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सुनील किमोठी ने किया।
