चमोली के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर को होगी दक्षता आकलन परीक्षा
कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थियों की परखी जाएगी शैक्षिक दक्षता, 28 सितंबर को दूसरा आकलन
गौचर, 31 अगस्त (गुसाईं)। विद्यार्थियों की शैक्षिक दक्षताओं का नियमित आकलन करने और वर्ष 2027 में प्रस्तावित ‘परख’ आकलन परीक्षा की तैयारी के लिए चमोली जिले के सभी विद्यालयों में 7 सितंबर को दक्षता आधारित आकलन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में कक्षा 2, 5 और 8 के विद्यार्थी शामिल होंगे।
चमोली के मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने बताया कि ‘शिक्षा का जन अभियान’ के तहत जिले के सभी विद्यालयों में यह आकलन कराया जाएगा। इस संबंध में शिक्षा सचिव ज्योति यादव ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी के अनुसार वर्ष 2027 में कक्षा 3, 6 और 9 के विद्यार्थियों के लिए ‘परख’ आकलन परीक्षा प्रस्तावित है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की वर्तमान शैक्षिक दक्षता और सीखने के स्तर की वास्तविक स्थिति जानने के लिए पहले से आकलन कराया जा रहा है। इसके माध्यम से उन विषयों और क्षेत्रों की पहचान भी की जाएगी, जिनमें विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहायता और सुधार की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि कक्षा 2 के विद्यार्थियों की हिंदी और गणित, कक्षा 5 के विद्यार्थियों की हिंदी, गणित एवं पर्यावरण विज्ञान तथा कक्षा 8 के विद्यार्थियों की हिंदी, गणित, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों में दक्षता परखी जाएगी। परीक्षा का आधार केवल पाठ्यक्रम पूरा होना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की विषय संबंधी समझ और अर्जित दक्षता होगी।
सात सितंबर की परीक्षा के बाद भी विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। आकलन में जिन क्षेत्रों में विद्यार्थियों की संप्राप्ति न्यूनतम पाई जाएगी, वहां शिक्षकों को उपचारात्मक शिक्षण के माध्यम से उनकी कमियों को दूर करना होगा। इसके बाद दूसरी आकलन परीक्षा 28 सितंबर को आयोजित की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में कितना सुधार हुआ है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और उप शिक्षा अधिकारियों को परीक्षा को गंभीरता से लेने तथा इसकी शुचिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा के दिन विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और अभिभावकों की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों और अभिभावकों को आकलन परीक्षा के उद्देश्य एवं महत्व की जानकारी देकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
