बड़ी जात : आठवें पड़ाव धरा तल्ला पहुंची नंदा की उत्सव डोली
चेपड़ो में थोकदारों और कांसवा के प्रतिनिधियों ने की विशेष पूजा, अल्मोड़ा से पहुंचे राज प्रतिनिधि देवी दर्शन से रहे वंचित
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 12 सितम्बर। बधाण की नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली तमाम कयासों के बीच केंद्रीय समिति मां नंदा देवी राजराजेश्वरी बधाण-थराली की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार शनिवार को अपने आठवें पड़ाव देवाल विकासखंड के धरा तल्ला गांव पहुंच गई। इससे पहले चेपड़ो गांव में क्षेत्र के थोकदारों और कांसवा के प्रतिनिधियों ने देवी की विशेष पूजा-अर्चना की। इस दौरान कुमाऊं के अल्मोड़ा से राज प्रतिनिधियों का एक दल भी यात्रा में शामिल होने के लिए चेपड़ो पहुंचा, लेकिन उसकी देव डोली से भेंट नहीं हो सकी और दल को देवी दर्शन के बिना ही वापस लौटना पड़ा।
शनिवार को बड़ी जात की नंदा डोली अपने सातवें पड़ाव थराली के चेपड़ो गांव से दोपहर करीब एक बजे अगले पड़ाव धरा तल्ला के लिए रवाना हुई। इससे पहले चेपड़ो में एक दर्जन से अधिक गांवों से पहुंचे नंदा भक्तों ने देवी की स्तुति और पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने परंपरा के अनुसार खाजा, कलेऊ, काखड़ी, मुगरी सहित अन्य भेंट और पवाड़ा अर्पित किए। इस दौरान पिंडर क्षेत्र के थोकदारों के साथ ही कांसवा के प्रतिनिधियों ने देवी की विशेष पूजा की।
विशेष पूजा में कांसवा के प्रतिनिधि जय विक्रम सिंह, थोकदार त्रिलोक सिंह बुटोला, पृथ्वी सिंह बुटोला, मंदिर समिति देवराड़ के अध्यक्ष भुवन हटवाल, शौर्य प्रताप सिंह रावत, विजेंद्र रावत, सुशील रावत, डीडी कुनियाल, प्रेमशंकर सिंह रावत, कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष नरेश गौड़ और पूर्व अध्यक्ष मनशा राम गौड़ सहित अनेक लोग शामिल हुए।
इससे पहले दोपहर करीब 12 बजे धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान नंदा के पश्वा के साथ कई महिलाओं और युवतियों पर देवी अवतरित हुईं। वे काफी देर तक पारंपरिक रूप से नृत्य करती रहीं और श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं ने मां नंदा के जयकारे लगाए और पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं।
करीब एक बजे यात्रा ने चेपड़ो से विदाई ली। इसके बाद डोली ऊणी गांव के नीचे पहुंची, जहां ऊणी, कल्याणी, चिडिगा और जोला सहित आसपास के गांवों के लोगों ने देवी का स्वागत कर पूजा-अर्चना की। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह ग्रामीण देवी के दर्शनों और भेंट अर्पित करने के लिए मौजूद रहे।
दोपहर करीब ढाई बजे यात्रा भोजन के लिए देवाल विकासखंड के कोठी गांव पहुंची। यहां बड़ी संख्या में नंदा भक्तों ने डोली का स्वागत किया और विधिवत पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं। इसके बाद केंद्रीय समिति मां नंदा देवी राजराजेश्वरी बधाण-थराली और मंदिर समिति कुरूड़ की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार यात्रा रात्रि प्रवास के लिए धरा तल्ला गांव पहुंच गई।
श्री नंदा देवी राजराजेश्वरी बड़ी जात यात्रा के निर्धारित कार्यक्रम के तहत आगे देव डोली को नंदाधाम नंदकेसरी में प्रवास के लिए पहुंचना है। यात्रा के आगे बढ़ने के साथ ही विभिन्न गांवों में श्रद्धालुओं की भागीदारी भी बढ़ रही है और परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ देवी का स्वागत किया जा रहा है।
यात्रा मार्ग पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बड़ी जात के मद्देनजर चेपड़ो से कोठी, धरा तल्ला और नंदकेसरी तक प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, थराली के उपजिलाधिकारी यशवीर सिंह, कर्णप्रयाग के उपजिलाधिकारी अलकेश नोडियाल, अपर पुलिस अधीक्षक आशीष भारद्वाज, पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेंद्र सिंह राणा और थराली के थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी यात्रा मार्ग पर तैनात रहे। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी यात्रा की गतिविधियों तथा व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
