गौचर : लंबे इंतजार के बाद मूसलाधार बारिश, गर्मी से राहत लेकिन घरों और दुकानों में घुसा पानी

–दिग्पाल गुसाईं की रिपोर्ट-
गौचर, 20 जुलाई। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन कई घरों और दुकानों में पानी घुस जाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून ने जून के अंतिम दिनों में दस्तक दे दी थी, लेकिन गौचर क्षेत्र में दो और तीन जुलाई को ही हल्की बारिश हुई थी। उस दौरान भी मुख्य बाजार में ग्रेफ चौक से रामलीला मैदान तक नालियों का पानी सड़क पर बहने के बजाय दुकानों में घुस गया था, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद प्रकाशित समाचार के बाद नगर पालिका ने अभियान चलाकर नालियों पर रखे सामान को हटवाया और अतिक्रमण करने वालों के चालान भी किए। हालांकि, दुकानदारों का कहना है कि केवल अतिक्रमण हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनका आरोप है कि नालियों की क्षमता कम होने के कारण हर बारिश में पानी दुकानों में भर जाता है।
इसके बाद क्षेत्र में लंबे समय तक बारिश नहीं होने से सूखे जैसे हालात बन गए थे। तापमान 31 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था और उमस व गर्मी से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा था।
रविवार देर रात सावन माह की पहली तेज बारिश ने गर्मी से राहत तो दिलाई, लेकिन वार्ड संख्या छह में अनिल कंडारी, चंद्रमोहन बिष्ट, दीपक बर्तवाल, कुसुम पुंडीर, जगमोहन मल्ल, जयबीर नेगी और आशीष नेगी सहित कई लोगों के मकानों में पानी भर गया। बताया जा रहा है कि मकानों की चारदीवारी होने के कारण भीतर घुसा पानी बाहर नहीं निकल सका, जिससे घर जलमग्न हो गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका ने जल निकासी के लिए नालियां तो बनाई हैं, लेकिन उनकी क्षमता पर्याप्त नहीं है। यही कारण है कि तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी नहीं हो पाती।
मुख्य बाजार स्थित लिंगवाल ज्वेलर्स की दुकान में भी बारिश का पानी घुस गया। दुकान संचालक सुनील लिंगवाल ने बताया कि सड़क किनारे बनी संकरी नाली के कारण हर वर्ष बरसात में उनकी दुकान में पानी भर जाता है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
शिकायत मिलने पर नगर पालिका के अवर अभियंता राजीव चौहान ने मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया और अपनी रिपोर्ट पालिका अध्यक्ष को सौंप दी है। स्थानीय लोगों ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नालियों का चौड़ीकरण और जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की है।
