यमुनोत्री यात्रा के दूसरे चरण की तैयारियां तेज, डीएम ने परखी व्यवस्थाएं
यमुनोत्री/बड़कोट, 14 सितम्बर (सूवि)। चारधाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने यमुनोत्री धाम और यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है। मानसून अभी जारी रहने के बीच जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को यमुनोत्री धाम पहुंचकर जानकीचट्टी से करीब पांच किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग और धाम में सुरक्षा, स्वास्थ्य, सफाई, पेयजल, बिजली तथा यातायात व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने बारिश से प्रभावित पैदल मार्ग पर क्षतिग्रस्त रेलिंग और दीवारों की तत्काल मरम्मत के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए। जिला पंचायत को घोड़े-खच्चरों के लिए बनी चरियों की सफाई, गर्म पानी की उपलब्धता और उनके संचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया।
यमुनोत्री धाम, जानकीचट्टी, खरसाली और पैदल मार्ग पर सफाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला पंचायत और सुलभ इंटरनेशनल को कूड़ा तथा घोड़े-खच्चरों की लीद नियमित रूप से हटाने के निर्देश दिए गए। शौचालयों की मरम्मत, पर्याप्त पानी और नियमित सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। धाम में श्रद्धालुओं द्वारा विसर्जित की जाने वाली साड़ियों के निस्तारण की स्थायी व्यवस्था बनाने और मंदिर परिसर की सफाई के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग के स्वास्थ्य केंद्रों और फर्स्ट मेडिकल रिस्पॉन्डर स्वास्थ्य मित्र शिविरों का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों को चिकित्सकों की तैनाती, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने को कहा गया।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी, पालीगाड, सिलाईबैंड और औजारी जैसे संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी और कार्यबल तैनात रखने के निर्देश राष्ट्रीय राजमार्ग खंड को दिए गए, ताकि बारिश के दौरान मार्ग बाधित होने पर यातायात शीघ्र बहाल किया जा सके।
धाम में जिलाधिकारी ने पेयजल, बिजली, शौचालय, चेंजिंग रूम और अन्य यात्री सुविधाओं का जायजा लिया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याओं की जानकारी लेने के साथ पुलिस चौकी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की।
निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी बड़कोट बृजेश तिवारी, सीओ चंचल शर्मा, अधीक्षण अभियंता विजय कुमार, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत भावना रावत, मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
