आंधी-तूफान से हापला फीडर ठप, दर्जनों गांवों में रातभर पसरा अंधेरा
पोखरी, 29 मई (राणा)। बृहस्पतिवार शाम आए तेज आंधी-तूफान ने विकासखंड पोखरी के हापला फीडर की विद्युत व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। विद्युत लाइनों पर जगह-जगह पेड़ और टहनियां गिरने से खदेड़ पट्टी, हापला घाटी और त्रिशूला घाटी की दर्जनों ग्राम सभाओं में पूरी रात अंधेरा पसरा रहा। मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की चेतावनी के बावजूद ग्रामीणों को रातभर बिना बिजली के कठिन परिस्थितियों में समय बिताना पड़ा।
तूफान के चलते हापला फीडर की लाइन क्षतिग्रस्त होने से रडुवा, काण्डई, चन्द्रशिला, जौरासी, महण, किमोठा, डुंगर, सलना, तोणजी, बगथल और भिकोना खाल सहित हापला घाटी के नैल, नौली, मसोली, गुणम, जखमाला और श्रीगढ़ गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। वहीं त्रिशूला घाटी के नैल, ऐथा, सेम, सांकरी, त्रिशूला, भदूणा, सगूण, गजेड, देवीखेत, चमसिल, गुगली, सरना, नागधार, सौडा, मगरा और आली काण्डई समेत कई गांव अंधेरे में डूबे रहे।
बिजली गुल रहने से ग्रामीणों को रातभर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्जिंग, पेयजल आपूर्ति तथा दैनिक कार्य प्रभावित रहे। ग्रामीणों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब होते ही बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है, जिससे लोगों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत तथा किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी ने विद्युत विभाग से हापला फीडर की विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में विद्युत लाइनों की नियमित निगरानी और समय-समय पर पेड़ों की टहनियों की छंटाई की जानी चाहिए, ताकि बार-बार होने वाली बिजली कटौती से लोगों को राहत मिल सके।
विद्युत विभाग के अवर अभियंता धीरेन्द्र सिंह भण्डारी ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण कई स्थानों पर विद्युत लाइनों पर पेड़ों की टहनियां गिर गई थीं। विभागीय कर्मचारी रात से ही प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य और टहनियां हटाने में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि खदेड़ पट्टी और हापला घाटी के अधिकांश क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है तथा शाम तक पूरे हापला फीडर पर बिजली व्यवस्था सुचारु कर दी जाएगी।
